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Leh Violence: हिंसा ने लेह के पर्यटन को दिया गहरा जख्म, हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट
Sun, 28 Sep 2025 01:15 PM IST
निकिता गुप्ता
प्रवेश कुमारी अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
प्रवेश कुमारी अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 28 Sep 2025 01:15 PM IST
सार
लेह में हुई हिंसा और अत्यधिक बारिश के कारण पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी खतरे में है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आर्थिक मदद का इंतजार है, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।
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लेह में हिंसा के दौरान सड़क पर पड़े पत्थर
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर आधारित है लेकिन लेह में चल रहे हालात ने पर्यटन को भी जबरदस्त झटका दिया है। पहले ऑपरेशन सिंदूर, उसके बाद कुछ दिन पहले अत्यधिक वर्षा और बादल फटने की वजह से यहां का कारोबार बिल्कुल ठप हो गया था।
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लद्दाख फेस्टिवल जैसे आयोजनों से इसे बूस्ट करने की तैयारी थी लेकिन अब लेह में हुई हिंसा पर्यटन से रोजी-रोटी कमा रहे लोगों पर आपदा बनकर टूटी है। यहां कफर्यू लगा है। स्थानीय लोगों का भी घर से निकलना मुहाल है। इसमें लेह जिला प्रशासन की ओर से क्रमवार दो-दो घंटे की ढील दी जा रही है लेकिन फिलहाल पर्यटन के लिए हालात पटरी पर आते नजर नहीं आते।
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खास तौर पर जिन लोगों ने अपने वाहन लोन लेकर खरीदे थे, उनके सामने मासिक किस्तें चुकाने का संकट मुंह बाए खड़ा है। लेह में छोटे-बड़े मिलाकर पांच हजार से भी अधिक टूर एवं ट्रेवल कारोबारी काम कर रहे हैं। इसके अलावा होटल और होम स्टे भी बड़ी संख्या में हैं, जिनका काम ही पर्यटकों की वजह से चलता है और वे अपने घर का खर्च चला पाते हैं।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद होटल, होमस्टे, टूर-ट्रेवल जैसे कारोबारों को हुए नुकसान को लेकर करीब सौ करोड़ रुपये के पैकेज की केंद्र से मांग की गई थी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर भी कारोबारी एसोसिएशन वालों ने अपनी बात रखी थी लेकिन अभी तक उनके हाथ खाली हैं।