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परिसीमन से बदलेगा सियासी नक्शा, विधानसभा हलकों के साथ ही सियासी समीकरण भी बदलेंगे

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The political map will change with the delimitation, along with the assembly circles, the political equations will also change.
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में परिसीमन से पूरा सियासी नक्शा ही बदल जाएगा। न केवल विधानसभा हलकों में बदलाव आएगा बल्कि सियासी समीकरण भी बदलेंगे। जगह-जगह से बदलाव को लेकर आवाजें भी उठनी शुरू हो गई हैं। यही वजह है कि विभिन्न राजनीतिक पार्टियों तथा सामाजिक संगठनों ने आयोग से मिलकर आपत्तियां जताई हैं। सभी जनसंख्या के साथ ही भौगोलिक चुनौतियों का मुद्दा उठा चुके हैं।
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आयोग की टीम ने कश्मीर में श्रीनगर के अलावा पहलगाम और जम्मू संभाग में किश्तवाड़ व जम्मू में करीब 290 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान एससी वर्ग की तरफ से पर्याप्त सीटों की मांग के अलावा एसटी वर्ग की तरफ से तय प्रावधानों के तहत जम्मू कश्मीर विधानसभा में उनके लिए सीटों को आरक्षित करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रदेश में आखिरी बार 1995 में हुए परिसीमन में त्रुटियों को इस बार न दोहराने की मांग भी की गई। खासतौर से जम्मू संभाग व कश्मीर संभाग को बराबर-बराबर सीटों की मांग भी जोरशोर से जम्मू संभाग के दलों व संगठनों ने उठाई। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने दौरे के समापन में यह कहा कि एससी व एसटी वर्ग को पर्याप्त सीटें मिलेगी, इससे साफ हो गया है कि बढ़ने वाली सात विधानसभा सीटों में इस बार एसटी वर्ग को पहली बार जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आरक्षण हासिल होगा। भाजपा और पैंथर्स पार्टी जम्मू संभाग में सीटें बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। पैंथर्स ने तो दोनों संभागों को बराबर सीटों की मांग उठाई। इससे साफ है कि प्रदेश में परिसीमन से विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर बदलना तय है।
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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा हल्कों की तस्वीर बदलना तय है। प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर पहली बार पहुंचे परिसीमन आयोग ने भी दौरे को समाप्त करने के दौरान इस ओर इशारा जरूर दे दिया है। दरअसल, प्रदेश में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन करीब 21 सालों के बाद होने जा रहा है। आखिरी बार परिसीमन 1995 में 1981 की जनगणना के आधार पर हुआ था। ऐसे में तब और अब में बड़ा बदलाव हो चुका है।
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औपचारिकताएं पूरी कर दिल्ली रवाना हुआ परिसीमन आयोग
परिसीमन आयोग ड्राफ्ट प्रस्ताव के लिए जरूरी डाटा जुटा व अन्य औपचारिकताएं पूरी कर दिल्ली रवाना हो गया। आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई और मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, प्रदेश के उपायुक्तों के अलावा मुख्य चुनाव अधिकारी हृदेश कुमार सिंह से विधानसभा क्षेत्र वार पूरा डाटा लेने के अलावा परिसीमन आयोग के लिए जरूरी अन्य औपचारिकताएं भी पूरी कर ली हैं। इसके बाद ड्राफ्ट प्रस्ताव जल्द तैयार किए जा सकेगा।
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