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हॉर्टिकल्चर क्षेत्र में बहुमुखी नीति पर काम कर रही सरकार: महबूबा
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:23 AM IST
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि राज्य सरकार हार्टिकल्चर क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए बहुमुखी नीति पर काम कर रही है। नई पीढ़ी के बागवानों को एकीकृत आन लाइन मार्केटिंग सुविधा तैयार करनी चाहिए जिससे वह फल-फूल समेत अपने सभी उत्पाद सीधे बेच सकें।
उन्होंने कहा कि हार्टिकल्चर और फ्लोरीकल्चर में आधुनिक तकनीक की मदद से हमारे युवा किसान आन लाइन मार्केटिंग के जरिए यहां के फलों को विश्व में पहचान दिलाकर बेहतर कमाई कर सकते हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा। हालांकि इसके लिए राज्य को भी ऐसी नीति तैयार करनी होगी जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल हो सके।
पिछले ढाई दशकों के हालात का जिक्त्रस् करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था को बचाने में हॉर्टिकल्चर व हैंडीक्त्रसफ्ट ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिकारिक आकंड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 के दौरान 6000 करोड़ मूल्य के 14.60 मीूट्रिक टन ताजे फल तथा ड्राई फ्रूट राज्य से निर्यात हुए। साल 2007-08 के सापेक्ष फलों के उत्पादन का एरिया 2.95 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2015-16 में 3.57 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है।
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उन्होंने कहा कि हार्टिकल्चर और फ्लोरीकल्चर में आधुनिक तकनीक की मदद से हमारे युवा किसान आन लाइन मार्केटिंग के जरिए यहां के फलों को विश्व में पहचान दिलाकर बेहतर कमाई कर सकते हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा। हालांकि इसके लिए राज्य को भी ऐसी नीति तैयार करनी होगी जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल हो सके।
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पिछले ढाई दशकों के हालात का जिक्त्रस् करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था को बचाने में हॉर्टिकल्चर व हैंडीक्त्रसफ्ट ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिकारिक आकंड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 के दौरान 6000 करोड़ मूल्य के 14.60 मीूट्रिक टन ताजे फल तथा ड्राई फ्रूट राज्य से निर्यात हुए। साल 2007-08 के सापेक्ष फलों के उत्पादन का एरिया 2.95 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2015-16 में 3.57 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है।
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जम्मू तथा श्रीनगर में सब्जी उत्पादन के दो केन्द स्थापित किए जाएंगे
विधानसभा की कार्रवाई के दौरान मौजूद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : FILE PHOTO
उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादकों तथा महिला उद्यमियों के लिए जम्मू तथा श्रीनगर में सब्जी उत्पादन के दो केन्द स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह हॉर्टिकल्चर क्षेत्र के दो केन्द्रों के अतिरिक्त होंगे।
जिन किसानों की फसल को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है उनको मार्केट इंटरवेंशन स्कीम तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा हम किसानों को प्रोटेक्टिव कृषि के लिए भी प्रोत्साहित कर रहे हैं जिससे उनकी फसल का बचाव हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों मे हॉर्टिकल्चर को प्रोत्साहित करने के लिए खौड में 47 लाभार्थियों की 100 एकड़ जमीन और अखनूर- सूंगली में 26 लाभार्थियों की 100 हेक्टेयर भूमि पर मैंगो विलेज स्थापित किए जाएंगे।
इसी तरह खिरम- नंतनाग में 1025 लाभार्थियों की 1035 हेक्टेयर भूमि पर एप्पल विलेज और कारगिल के हरदास गांव में 397 लाभार्थियों की 230 हेक्टेयर भूमि पर एप्रीकोट विलेज स्थापित होगा। राजौरी जिले के सस्कोट, मंजाकोट तथा डूंगी व पुंछ जिले के मनकोट, सागरा, गानी, हरिन, हरि बैच, अजोट, दिगवार में पीकानट विलेज स्थापित किये जाएंगे।
उन्होंने घटिया कीटनाशकों का जिक्त्रस् करते हुए कहा कि जम्मू व श्रीनगर में कीटनाशकों की जांच के लिए दो अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने फल उत्पादकों से हाई डेंसिटी वाले पौधे लगाने का आग्रह किया। कहा कि इससे 15 सालों में 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अगर अगले 5 सालों में सिर्फ 20 प्रतिशत बागवान भी उच्च घनत्व वाली बागवानी अपनाते हैं तो यह उद्योग 400 करोड़ से 5 गुण बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए का हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी मिशन व राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फूलों की लिलियम, कोरोनेषन, गैंदा जैसे फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। फूलों के संरक्षण के लिए 13 कोल्ड रूम तथा 11 वातानुकूलित वाहन लगाये गए हैं।
जिन किसानों की फसल को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है उनको मार्केट इंटरवेंशन स्कीम तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा हम किसानों को प्रोटेक्टिव कृषि के लिए भी प्रोत्साहित कर रहे हैं जिससे उनकी फसल का बचाव हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों मे हॉर्टिकल्चर को प्रोत्साहित करने के लिए खौड में 47 लाभार्थियों की 100 एकड़ जमीन और अखनूर- सूंगली में 26 लाभार्थियों की 100 हेक्टेयर भूमि पर मैंगो विलेज स्थापित किए जाएंगे।
इसी तरह खिरम- नंतनाग में 1025 लाभार्थियों की 1035 हेक्टेयर भूमि पर एप्पल विलेज और कारगिल के हरदास गांव में 397 लाभार्थियों की 230 हेक्टेयर भूमि पर एप्रीकोट विलेज स्थापित होगा। राजौरी जिले के सस्कोट, मंजाकोट तथा डूंगी व पुंछ जिले के मनकोट, सागरा, गानी, हरिन, हरि बैच, अजोट, दिगवार में पीकानट विलेज स्थापित किये जाएंगे।
उन्होंने घटिया कीटनाशकों का जिक्त्रस् करते हुए कहा कि जम्मू व श्रीनगर में कीटनाशकों की जांच के लिए दो अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने फल उत्पादकों से हाई डेंसिटी वाले पौधे लगाने का आग्रह किया। कहा कि इससे 15 सालों में 6 लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अगर अगले 5 सालों में सिर्फ 20 प्रतिशत बागवान भी उच्च घनत्व वाली बागवानी अपनाते हैं तो यह उद्योग 400 करोड़ से 5 गुण बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए का हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी मिशन व राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फूलों की लिलियम, कोरोनेषन, गैंदा जैसे फूलों के व्यावसायिक उत्पादन को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। फूलों के संरक्षण के लिए 13 कोल्ड रूम तथा 11 वातानुकूलित वाहन लगाये गए हैं।