जम्मू-कश्मीर: सरकार गठन को लेकर गेंद अब भाजपा के पाले में
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सरकार गठन की चर्चाओं में एकाएक तेजी आ गई है। पीडीपी ने सोमवार को दोपहर दो बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में पार्टी अध्यक्ष सांसद महबूबा मुफ्ती को बाकायदा पीडीपी विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।
वहीं पीडीपी ने सरकार गठन को लेकर गेंद भाजपा के खेमे में डाल दी है। पार्टी के अनुसार केंद्र सरकार और भाजपा उन मुद्दों से अवगत है, जो सरकार गठन में रोड़ा बने हुए हैं।
इसके तहत महबूबा और पीडीपी नेता अगर भाजपा के आश्वासन से संतुष्ट होंगे, तो ही सरकार गठन का निर्णय लिया जा सकता है। श्रीनगर में रविवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में फेयरव्यू गुप्कार स्थित उनके घर पर बैठक बुलाई गई। लेकिन इस बैठक से पार्टी नेता तारिकहमीद कर्रा गायब दिखे।
बैठक में सरकार गठन पर भी हुई चर्चा
पीडीपी के सीनियर लीडर नईम अख्तर ने बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह बैठक पार्टी को मजबूत करने और विश्लेषण के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
इसका मकसद था कि किस तरह से पार्टी मुफ्ती मोहम्मद सईद के मिशन को आगे बढ़ा सकेगी। क्योंकि, मुफ्ती साहब का सपना था राज्य में शांति और विकास को जमीनी स्तर पर लागू करवाना।
इस बैठक में सरकार गठन को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सरकार गठन के लिए निर्णय लेने को तैयार है, लेकिन वह इसके लिए तब घोषणा करेंगी, जब वह भाजपा द्वारा एजेंडा ऑफ एलाइंस पर दिए जाने वाले आश्वासन से संतुष्ट होंगी।
सरकार गठन को लेकर जल्द होगा फैसला
नईम ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा भाजपा के साथ गठित एजेंडा ऑफएलाइंस का उद्देश्य और प्रयोजन सीमित नहीं है। मुफ्ती साहब जम्मू-कश्मीर के लोगों की उन मुसीबतों को दूर करना चाहते थे, जिन्हें वह कई वर्षों से झेल रहे। तभी वह हमेशा भारत-पाक के बीच रिश्तों की सुधार की बात करते थे।
नईम अख्तर ने यह भी बताया कि उन्हें कश्मीर के लोगों ने मैंडेट दिया और भाजपा को जम्मू के लोगों ने, इसलिए हमें इस बात को भी ध्यान में रखना होगा।
सरकार गठन को लेकर उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती द्वारा जरूर जल्द घोषणा की जाएगी। लेकिन, यह सब एजेंडा ऑफ एलाइंस पर निर्भर करता है। सरकार गठन में देरी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है, जो अटकी नहीं है।
पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी पीडीपी
उन्होंने यह भी कहा है कि कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनको लेकर मतभेद है और केंद्र सरकार और भाजपा इन मुद्दों से पूरी तरह अवगत है। जनरल कौंसिल की बैठक बुलाकर जहां पीडीपी ने यह संदेश भी दिया कि पीडीपी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी हुई है, ताकि अगर चुनाव होते हैं तो पीडीपी उसके लिए भी तैयार रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन पर उनके जनाजे में संख्या कम देख पीडीपी यह तो समझ गई है कि जमीनी स्तर पर सब कुछ सही नहीं है। लोगों और दल के अंदर रोष है।
इसलिए पार्टी के भविष्य को लेकर अभी हर फैसला सोच समझकर लेना होगा। सूत्रों के मुताबिक रविवार की बैठक में कई लोगों की आवाजों में रोष दिखा और गठबंधन को लेकर फिर से सोचने की बातें भी उठी।