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हाउस टैक्स का विरोध जारी, नगर निगम कमाएगा 1600 करोड़
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जम्मू। नगर निगम (एमसी) जम्मू अब शहर में हाउस टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इसका विपक्षी पार्षदों के साथ शहरवासी विरोध कर रहे हैं। टैक्स के खिलाफ कई स्थानों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हालांकि हाउस टैक्स से शहर भर से 1600 करोड़ रुपये हर साल नगर निगम को आय होगी। इस आय से शहर में विकास कार्य और बड़े स्तर के काम बिना बजट मंजूरी के नगर निगम शुरू करवा सकेंगे। कार्यालय स्तर पर इसके लिए काम शुरू हो चुका है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में टैक्स वसूलने का प्रावधान रखा गया है। केंद्र सरकार ने टैक्स लगाने के लिए तमाम नगर निगम और नगर परिषदों को निर्देश जारी किए हैं। इस पर तमाम एमसी में टैक्स स्लैब बनाने के लिए काम शुरू होने जा रहा है। इसी तरह नगर निगम जम्मू में भी हाउस टैक्स लगाने के लिए सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
मौजूदा समय में नगर निगम हाउस टैक्स नहीं वसूल रहा है। इस कारण राजस्व घाटा बढ़ता जा रहा है। नगर निगम ने बाहरी राज्यों से आने वाले टैंकरों पर ही टैक्स लगाया है। इससे भी 600 करोड़ के आसपास राजस्व बढ़ोतरी हर साल होगी। इसी तरह अब हाउस टैक्स लगाने की रूपरेखा बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार आगामी हाउस की बैठक में इस मसले पर सहमति बन सकती है। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने भी साफ किया है कि हाउस टैक्स लगाने पर फैसला आगामी बैठक में लिया जाएगा और इसे मंजूरी मिलने पर शुरू करवाया जाएगा।
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नगर निगम की आय का जरिया
रेहड़ी-फड़ी से - दस लाख रुपये
बिल्डिंग परमिशन - 50 लाख रुपये
यूजर चार्जर - 50 लाख रुपये
दुकान रेंट - दो करोड़ रुपये
लाइसेंस फीस - छह करोड़ रुपये
वाटर टैंकर - एक करोड़ रुपये
अन्य फीस 40 लाख रुपये
वाटर टैंकर - 600 करोड़ रुपये
कुल 1650 करोड़ रुपये के आसपास
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विपक्ष बोला, लोगों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
आय बढ़ोतरी के लिए टैक्स जरूरी है। मगर पहले लोगों को सुविधा मुहैया करवाई जाए। इसके बाद हाउस टैक्स लोगों पर लगाया जाए। हाउस में इस पर चर्चा की जाए।
- राजेंद्र शर्मा, पार्षद, वार्ड-16
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किसी भी सूरत में हाउस टैक्स नहीं लगने दिया जाएगा। शहर में अगर यह टैक्स लगता है तो लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जो आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करेगा।
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- गौरव चोपड़ा, पार्षद, वार्ड-28
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शहर के लोग टैक्स लगने के पक्ष में नहीं हैं। सभी इसका विरोध कर रहे हैं। हाउस में भी इस पर पिछली बार सहमति नहीं बन पाई थी। इस पर भी नहीं बनेगी।
- प्रीत्तम सिंह, पार्षद, वार्ड-55
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टैक्स से लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। पहले नगर निगम लोगों को पूरी मूलभूत सुविधाएं दें, फिर टैक्स लगाने की सोचे। जनरल हाउस की बैठक में टैक्स का बहिष्कार करेंगे।
- शौबत अली चौधरी, पार्षद, वार्ड-75
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केंद्र से विकास के लिए राशि मिल रही है। केंद्र के निर्देश है कि टैक्स लगाया जाए। ऐसे में प्रस्ताव पास कर सहमति होने पर इसे मंजूर किया जाएगा।
- डिप्टी मेयर, पूर्णिमा शर्मा
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मौजूदा समय में नगर निगम हाउस टैक्स नहीं वसूल रहा है। इस कारण राजस्व घाटा बढ़ता जा रहा है। नगर निगम ने बाहरी राज्यों से आने वाले टैंकरों पर ही टैक्स लगाया है। इससे भी 600 करोड़ के आसपास राजस्व बढ़ोतरी हर साल होगी। इसी तरह अब हाउस टैक्स लगाने की रूपरेखा बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार आगामी हाउस की बैठक में इस मसले पर सहमति बन सकती है। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने भी साफ किया है कि हाउस टैक्स लगाने पर फैसला आगामी बैठक में लिया जाएगा और इसे मंजूरी मिलने पर शुरू करवाया जाएगा।
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नगर निगम की आय का जरिया
रेहड़ी-फड़ी से - दस लाख रुपये
बिल्डिंग परमिशन - 50 लाख रुपये
यूजर चार्जर - 50 लाख रुपये
दुकान रेंट - दो करोड़ रुपये
लाइसेंस फीस - छह करोड़ रुपये
वाटर टैंकर - एक करोड़ रुपये
अन्य फीस 40 लाख रुपये
वाटर टैंकर - 600 करोड़ रुपये
कुल 1650 करोड़ रुपये के आसपास
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विपक्ष बोला, लोगों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
आय बढ़ोतरी के लिए टैक्स जरूरी है। मगर पहले लोगों को सुविधा मुहैया करवाई जाए। इसके बाद हाउस टैक्स लोगों पर लगाया जाए। हाउस में इस पर चर्चा की जाए।
- राजेंद्र शर्मा, पार्षद, वार्ड-16
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किसी भी सूरत में हाउस टैक्स नहीं लगने दिया जाएगा। शहर में अगर यह टैक्स लगता है तो लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जो आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करेगा।
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- गौरव चोपड़ा, पार्षद, वार्ड-28
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शहर के लोग टैक्स लगने के पक्ष में नहीं हैं। सभी इसका विरोध कर रहे हैं। हाउस में भी इस पर पिछली बार सहमति नहीं बन पाई थी। इस पर भी नहीं बनेगी।
- प्रीत्तम सिंह, पार्षद, वार्ड-55
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टैक्स से लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। पहले नगर निगम लोगों को पूरी मूलभूत सुविधाएं दें, फिर टैक्स लगाने की सोचे। जनरल हाउस की बैठक में टैक्स का बहिष्कार करेंगे।
- शौबत अली चौधरी, पार्षद, वार्ड-75
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केंद्र से विकास के लिए राशि मिल रही है। केंद्र के निर्देश है कि टैक्स लगाया जाए। ऐसे में प्रस्ताव पास कर सहमति होने पर इसे मंजूर किया जाएगा।
- डिप्टी मेयर, पूर्णिमा शर्मा