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Jammu News: आतंकियों की भर्ती व ओजीडब्ल्यू नेटवर्क का विस्तार करता था बांदीपोरा में मारा गया दहशतगर्द
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- कश्मीर घाटी में 2018 से सक्रिय था लश्कर आतंकी उमर अकबर लोन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया लश्कर-ए-ताइबा का आतंकी उमर अकबर लोन अप्रैल 2018 से कश्मीर घाटी में सक्रिय था। टीआरएफ से जुड़ा यह दहशतगर्द आतंकियों की भर्ती के साथ ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) नेटवर्क के विस्तार में शािमल था। उसका मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है।
सेना के सेक्टर-3 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के ब्रिगेडियर विपुल त्यागी ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि पिछले दो महीनों से अरागाम, बांदीपोरा में आतंकियों की आवाजाही के विशिष्ट इनपुट मिल रहे थे। सुरक्षाबल ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए थे। 16 जून को सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों ने अरगाम गांव से लगते एक नाले में रात को संदिग्ध गतिविधि देखी। इसमें आतंकियों की उपस्थिति की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई। गोलीबारी में आतंकी उमर लोन निवासी वस्सन पट्टन मारा गया। अधिकारी ने कहा, उमर लोन आम नागरिकों की हत्या करने के साथ आतंकियों की भर्ती और ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के विस्तार जैसी कई गतिविधियों में शामिल था। बीते कुछ सप्ताह में सेना ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर अभियान चला रखा है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी सफलता मिली है और आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया गया है।
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अवाम का मिल रहा समर्थन
ब्रिगेडियर त्यागी ने कहा, यह कश्मीर के अवाम के अटूट समर्थन के कारण ही संभव हो पाया है। सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में मुस्तैद हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया लश्कर-ए-ताइबा का आतंकी उमर अकबर लोन अप्रैल 2018 से कश्मीर घाटी में सक्रिय था। टीआरएफ से जुड़ा यह दहशतगर्द आतंकियों की भर्ती के साथ ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) नेटवर्क के विस्तार में शािमल था। उसका मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है।
सेना के सेक्टर-3 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के ब्रिगेडियर विपुल त्यागी ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में कहा कि पिछले दो महीनों से अरागाम, बांदीपोरा में आतंकियों की आवाजाही के विशिष्ट इनपुट मिल रहे थे। सुरक्षाबल ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए थे। 16 जून को सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों ने अरगाम गांव से लगते एक नाले में रात को संदिग्ध गतिविधि देखी। इसमें आतंकियों की उपस्थिति की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई। गोलीबारी में आतंकी उमर लोन निवासी वस्सन पट्टन मारा गया। अधिकारी ने कहा, उमर लोन आम नागरिकों की हत्या करने के साथ आतंकियों की भर्ती और ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के विस्तार जैसी कई गतिविधियों में शामिल था। बीते कुछ सप्ताह में सेना ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर अभियान चला रखा है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी सफलता मिली है और आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया गया है।
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अवाम का मिल रहा समर्थन
ब्रिगेडियर त्यागी ने कहा, यह कश्मीर के अवाम के अटूट समर्थन के कारण ही संभव हो पाया है। सुरक्षाबल जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में मुस्तैद हैं।
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