आतंकी हमला: बांदीपोरा में सुरक्षाबलों के संयुक्त दल पर दहशतगर्दों ने फायरिंग, एक पुलिस कर्मी शहीद, चार जख्मी
बांदीपोरा में सुरक्षाबलों पर आतंकियों ने हमला कर दिया है। आतंकियों की तलाश के लिए पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया गया है।
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प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट की बरसी पर आतंकियों ने उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शुक्रवार की शाम सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया। इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग भी की। इसमें एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आतंकियों का सुराग नहीं लगा। शहीद की पहचान जुबैर अहमद के रूप में हुई है।
मुख्य शहर के निशात पार्क के करीब शाम पांच बजे आतंकियों ने सुरक्षाबलों के एक संयुक्त नाके पर ग्रेनेड फेंका। धमाके में पुलिस व बीएसएफ के पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिन्हें नजदीक के अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।
इनमें से एक पुलिसकर्मी जुबैर अहमद ने दम तोड़ दिया। वह बांदीपोरा के पापछान इलाके के रहने वाले थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कु मार ने बताया कि घायल अन्य जवानों की हालत स्थिर है। शहीद पुलिसकर्मी को सुरक्षा बलों ने श्रद्धांजलि दी।
धमाके से मची भगदड़, लोग सुरक्षित स्थान की ओर दौड़े
हमले से इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में इधर-उधर भागने लगे। सुरक्षा बलों ने घेरा बनाकर लोगों को सुरक्षित निकाला। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के आला अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौके का जायजा लिया।
नगर के कुछ इलाकों में बंद रहे बाजार
जेकेएलएफ के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट की बरसी पर शुक्रवार को श्रीनगर के कुछ हिस्सों में बाजार बंद रहे। भट को 1984 में 11 फरवरी को ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, अन्य इलाकों में बाजार पूरी तरह खुले रहे।
सार्वजनिक वाहन भी सामान्य दिनों की तरह सड़कों पर दौड़े। जेकेएलएफ ने संसद हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरु और भट की बरसी पर नौ और 11 फरवरी को बंद का आह्वान किया था। अफजल गुरु को नौ फरवरी 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी।