'200 आतंकी सीमा पार करने को तैयार'
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भले ही पाकिस्तान लगातार नियंत्रण रेखा से आतंकियों की घुसपैठ करवाने के लिए सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, लेकिन रिपोर्ट है कि पाकिस्तान की मौजूदा सरकार खुद तैयार किए आतंकियों के दबाव में है।
व्हाइट नाइट कोर के जीओसी (जनरल आफिसर कमांडिंग) लेफ्टिनेंट जनरल केएच सिंह का कहना है कि जब भी हम आतंकियों को वापस पाक की ओर खदेड़ते हैं तो पाक रेंजरों की उन्हें मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि इस समय पाकिस्तान अपनी ही सरजमीं पर पैदा किए गए आतंकियों और आतंकी संगठनों के दबाव में है। हताशा में वह सीजफायर का उल्लंघन करता है। लेकिन, एलओसी पर सेना पूरी तरह सतर्क है और घुसपैठ के तमाम प्रयासों को विफल किया गया है।
खराब मौसम की फिराक में आतंकी
जनरल सिंह शनिवार को नगरोटा स्थित कोर हेडक्वार्टर में कारगिल दिवस की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि दक्षिण पीर पंजाल इलाके में अभी भी 150-200 आतंकियों के सक्रिय होने की सूचना है।
कई आतंकी वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं तो कई लांचिंग पैड पर घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं। घुसपैठ और सीजफायर के उल्लंघन की घटनाओं में अचानक इजाफा होने के संबंध में उन्होंने कहा कि एलओसी पर जुलाई से अक्तूबर तक मौसम काफी खराब होता है।
चंद कदम दूर खड़ा व्यक्ति नजर नहीं आता। आतंकी कई बार सेना के उपकरणों की रेंज में भी नहीं आ पाते। इसलिए आतंकी इसी समय घुसपैठ की कोशिश करते हैं। इसके अलावा इस बार रियासत में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, जिन्हें आतंकी निशाना बनाने की फिराक में हैं।
लगातार दिख रही आतंकियों की हलचल
पिछले कई सप्ताह से आतंकियों को लांचिंग पैड के ऊपर-नीचे होते देखा गया है, लेकिन हमारे जवान पूरी तरह से सतर्क हैं। कई आतंकियों को सेना ने मार गिराया है।
अखनूर सेक्टर में भारतीय सैनिकों पर करीब से किए गए हमलों में बैट (बार्डर एक्शन टीम) का हाथ होने के बारे में पूछे जाने पर जनरल सिंह ने कहा, ‘पिछले दो माह में अखनूर में ऐसे दो हमले हुए हैं, लेकिन हम इसे बैट हमले नहीं कह सकते।
हम इन्हें संदिग्ध आतंकी हमलों के रूप में देख रहे हैं।’ आतंकियों के हमले के पीछे पाकिस्तानी रेंजरों के हाथ के संबंध में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि इसकी हम पुष्टि नहीं करते, लेकिन ऐसी संभावनाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता। हालांकि, पाकिस्तानी रेंजरों को सीमा पार से आने वाले आतंकियों को रोकने की कोशिश करनी चाहिए।