फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   terrorist problem

कश्मीरी आतंकियों की खालिस्तान समर्थकों से कनेक्शन की तलाश

विज्ञापन
terrorist problem
जम्मू। पठानकोट में लश्कर-ए-ताइबा के दो कश्मीरी आतंकियों के वीरवार को पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब खालिस्तान समर्थकों से कनेक्शन तलाशने में जुट गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान की आईएसआई की शह पर घाटी से लेकर पंजाब तक कश्मीरी आतंकियों का नेटवर्क फैला हो सकता है। एलओसी पर सख्ती बढ़ने के बाद अब आईएसआई घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पंजाब बार्डर से हथियारों की तस्करी कर रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक टीम ने पंजाब पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ भी की जा रही है।
विज्ञापन

खुफिया सूत्रों ने बताया कि हाल की कई घटनाओं के तार पंजाब से जुड़े हैं। इससे यह आशंका बलवती हुई है कि पाकिस्तान पंजाब के जरिये घाटी के आतंकियों को टेरर फंडिंग करने के साथ ही हथियारों व गोला बारूद की आपूर्ति कर रहा है। इसमें खालिस्तान समर्थकों का भी पाकिस्तान सहयोग ले रहा है। घाटी के आतंकियों की पंजाब में गहरी जड़े हैं। कश्मीर घाटी में पिछले सप्ताह वायरल एक ऑडियो में भी आतंकियों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ होने की बात कही थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए कश्मीरी आतंकियों ने पूछताछ में पंजाब पुलिस के समक्ष जो खुलासे किए हैं वह काफी चौंकाने वाले हैं। हिजबुल व लश्कर आतंकियों को पंजाब लाने व ले जाने, हवाला के जरिये टेरर फंडिंग के लिए पैसे वसूलने की घटनाओं के उजागर होने के बाद यह आशंका भी बलवती हुई है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का पंजाब नया ठिकाना बनने लगा है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम को पूछताछ में मिली लीड के आधार पर घाटी में कार्रवाई की जाएगी। यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पंजाब में किन लोगों से घाटी के आतंकियों के कनेक्शन हैं। खालिस्तान समर्थकों से भी नेटवर्क जुड़ने की जांच की जाएगी।
विज्ञापन

-होल बॉडी स्कैनर न होने से पूरा रूट आतंकियों के लिए है मुफीद
पंजाब से कश्मीर तक हाईवे का रूट हथियारों की तस्करी और आतंकियों को कश्मीर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इस वजह से भी मुफीद है कि क्योंकि पूरे रास्ते में कहीं भी ट्रकों की जांच के लिए होल बॉडी स्कैनर नहीं लगा है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर में पहले भी कई बार ट्रकों से हथियारों का जखीरा बरामद किया जा चुका है। दो बार जम्मू के झज्जर कोटली व नगरोटा इलाके में ट्रक में छिपकर घाटी जा रहे आतंकियों को भी मुठभेड़ में मारा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed