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सुरक्षाबलों पर हमलों, नागरिकों की हत्या के 11 मामले दर्ज थे नायकू पर
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जम्मू। मारे गए हिजबुल कमांडर रियाज नायकू पर सुरक्षा बलों पर हमलों और नागरिकों की हत्या से जुड़े 11 मामले दर्ज थे। वह आम नागरिकों को सुरक्षा बलों का मुखबिर बताते हुए बेरहमी से हत्या करता था।
पुलिस के अनुसार बगीचे के मालिकों तथा किसानों से संगठन के लिए धन वसूलता था। दक्षिणी कश्मीर में भांग की अवैध खेती करने वालों से भी वसूली करता था। जम्मू में नारको कारोबार से जुड़े एक मामले में पकड़ा भी गया था। वह दर्जनभर से अधिक लोगों की हत्या में शामिल था।
आठ मार्च, 2014 को डोगरीपोरा में सरपंच के पिता हाजी गुलाम मोहम्मद डार, भटपोरा में पुलिस बस पर फायरिंग, गुलाम मोहिउद्दीन डार की हत्या, खांडेपोरा के जावेद अकबर खांडे की हत्या, पदगामपोरा क्रॉसिंग पर पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हसन मीर की हत्या, पीडीपी के वाचि से पूर्व विधायक एजाज मीर के घर से नौ हथियारों की लूट में शामिल रहा था। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कुलगाम में छह प्रवासी मजदूरों की हत्या, ट्रक ड्राइवर व फल कारोबारियों की हत्या में भी शामिल रहा था। विभिन्न जेलों में बंद आतंकियों तथा अलगाववादियों को बेहतर सुविधाएं न मिलने पर जेल पर हमले की धमकी भरा ऑडियो टेप भी उसने जारी किया था।
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परिवारवालों को नहीं सौंपे गए आतंकियों के शव
नई एसओपी के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए चारों आतंकियों के शव परिवार वालों को नहीं सौंपे गए। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए पुलिस ही परिवार के कुछ सदस्यों के साथ सुपुर्द-ए-खाक करेगी।
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पुलिस के अनुसार बगीचे के मालिकों तथा किसानों से संगठन के लिए धन वसूलता था। दक्षिणी कश्मीर में भांग की अवैध खेती करने वालों से भी वसूली करता था। जम्मू में नारको कारोबार से जुड़े एक मामले में पकड़ा भी गया था। वह दर्जनभर से अधिक लोगों की हत्या में शामिल था।
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आठ मार्च, 2014 को डोगरीपोरा में सरपंच के पिता हाजी गुलाम मोहम्मद डार, भटपोरा में पुलिस बस पर फायरिंग, गुलाम मोहिउद्दीन डार की हत्या, खांडेपोरा के जावेद अकबर खांडे की हत्या, पदगामपोरा क्रॉसिंग पर पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हसन मीर की हत्या, पीडीपी के वाचि से पूर्व विधायक एजाज मीर के घर से नौ हथियारों की लूट में शामिल रहा था। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कुलगाम में छह प्रवासी मजदूरों की हत्या, ट्रक ड्राइवर व फल कारोबारियों की हत्या में भी शामिल रहा था। विभिन्न जेलों में बंद आतंकियों तथा अलगाववादियों को बेहतर सुविधाएं न मिलने पर जेल पर हमले की धमकी भरा ऑडियो टेप भी उसने जारी किया था।
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परिवारवालों को नहीं सौंपे गए आतंकियों के शव
नई एसओपी के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए चारों आतंकियों के शव परिवार वालों को नहीं सौंपे गए। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए पुलिस ही परिवार के कुछ सदस्यों के साथ सुपुर्द-ए-खाक करेगी।