उड़ी और श्रीनगर हमले में शामिल था पुलवामा में मारा गया तीन फीट का आतंकी नूर मोहम्मद तांत्रे
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बताया जा रहा है कि मारा गया आतंकी नूर मोहम्मद की हाइट महज तीन फीट थी। लेकिन इसके बावजूद उसे दक्षिण कश्मीर की कमान सौंपी गई थी। नूर मोहम्मद को 2003 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
नूर को दिल्ली आतंकी हमले के आरोप में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह श्रीनगर जेल में अपनी सजा काट रहा था। लेकिन जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने आतंकी नूर मोहम्मद को पैरोल दी हुई थी जिसके बाद वह फरार हो गया था।
45 साल की उम्र में बना था आतंकी
पुलवामा जिले का त्राल का रहने वाला आतंकी नूर मोहम्मद जुलाई 2017 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था। नूर मोहम्मद श्रीनगर जेल से पैरोल मिलने के बाद से ही फरार बताया जा रहा था जिसके बाद सूचना मिली थी कि वह जैश में शामिल हो गया था।
नूर मोहम्मद अन्य आतंकी से अलग था इसने 45 साल की उम्र में आतंक का दामन थामा था। आतंकी बनने से पहले नूर मोहम्मद इंजीनियर था और वह कई दफा सैन्य कैंपो में भी आता जाता रहता था। आशंका जताई जा रही है कि सेना और पुलिस की कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा कर इसने जैश को दी होंगी।
पुलवामा जिले के त्राल में थी नूर की खास पकड़
आतंकी नूर पुलवामा जिले के त्राल का निवासी था जिस वजह से यह स्थानीय होने के नाते इसे यहां के लोगों का खास समर्थन प्राप्त था। त्राल आतंकियों के रहने के लिहाज से सबसे सुरक्षित जगह माना जाता था लेकिन आतंकी बुरहान के मारे जाने के बाद से आतंकियों ने त्राल से दूरी बनाना शूरू कर दिया और हाजिन को अपने नए गढ़ के रूप में विकसित करने में जुट गए थे।
माना जाता है श्रीनगर से महज 40 किमी पर होने के कारण हाजिन को ओर विदेशी आतंकी रूख करने लगे। हालांकि नूर अभी भी त्राल को अपना गढ़ बनाए हुए था इसका कारण त्राल के स्थानीय लोगों को समर्थन माना जाता है।