कश्मीर के युवाओं को ढाल बनाकर हमले कर रहे हैं आतंकी
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सीआरपीएफ के कश्मीर जोन के आईजी अतुल करवाल ने उम्मीद जताई कि घाटी में जनजीवन जल्द पटरी पर लौटेगा। चिंता का विषय यह है कि अब भीड़ के बीच से आतंकी ग्रेनेड और गोलियां चलाकर सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं। वह ऐसा कर जवानों को उकसाना चाहते हैं, ताकि लीथल (घातक) फोर्स का प्रयोग हो और जिंदगियां जाएं।
उन्होंने हिंसक प्रदर्शनों के दौरान नॉन-लीथल वेपन्स (गैर घातक हथियार) के प्रयोग पर कहा कि इनसे लोग घायल जरूर होते हैं, लेकिन मरते नहीं हैं। इस बार हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों पर जानलेवा हमले हुए हैं। सीआरपीएफ के जवानों पर ग्रेनेड दागे गए, जिनसे 22 जवान घायल हुए।
इसके बावजूद जवानों ने काफी संयम बरता। इस बीच कई बार लीथल वेपन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसमें जानें गईं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकी अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए युवाओं को ढाल की तरह प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वह इस बात को समझें और बच्चों को ऐसा करने से रोकें।
सीआरपीएफ ने अभिभावाकों से की बच्चों को समझाने की अपील
पैलेट गन के प्रयोग से लोगों के चेहरों, आंखों में चोटें लगने को लेकर आईजी ने बताया कि इस गन का प्रयोग विदेशों में भी भीड़ नियंत्रण के लिए किया जाता है। इसमें पैलेट फैलने से काफी प्रदर्शनकारी घायल होते हैं और दूरी से चलाए जाने पर यह फैलते हैं।
यह पूछे जाने पर कि इनपुट यह भी हैं कि बुरहान के मारे जाने के बाद आतंकी हमलों में तेजी ला सकते हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे इनपुट्स जरूर हैं लेकिन इसके लिए सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार हैं।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा मुकम्मल
उन्होंने अमरनाथ यात्रा पर कहा कि यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित रखे जाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां के लोग कुछ हद तक कश्मीरियत को कायम रखने में चूक गए हैं, क्योंकि बाहर से यात्री और पर्यटक क्या सोच के यहां आते हैं और यहां उनके साथ क्या बीत रहा है। वो यहां से निराश होकर जा रहे हैं, जिसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यात्रियों को हालातों के चलते मुश्किलें जरूर हो रही हैं।