बाढ़ से हुआ ये फायदा, POK में कई आतंकी बहे
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जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ ने जहां बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया, वहीं पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बाढ़ आतंकियों पर कहर बनकर आई।
बाढ़ में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस पार स्थित आतंकियों के लांचिंग पैड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और बाढ़ में लगभग 20-25 आतंकियों के बहने की भी सूचना है।
खास बात यह है कि दरा शेरखान स्थित आतंकियों का कम्युनिकेशन सेंटर ध्वस्त होने से आतंकियों योजनाओं को भारी झटका लगा है।
बंद किए गए आतंकी प्रशिक्षण शिविर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नियंत्रण रेखा के उस पार स्थित कई आतंकी प्रशिक्षण केन्द्रों को बाढ़ के कारण बंद करना पड़ा है।
जबकि आतंकी संगठनों को सबसे अधिक नुकसान पीओके के दरा शेरखान में हुआ है, जहां आतंकियों का ज्वाइंट कम्युनिकेशन सेंटर बाढ़ के पानी में पूरी तरह बह गया। साथ ही इस सेंटर में मौजूद करीब 20-25 आतंकी बह कर मारे गए हैं।
आतंकियों को नहीं मिल पा रहे निर्देश
इस कम्युनिकेशन सेंटर का इस्तेमाल पाकिस्तान के सभी बड़े आतंकी संगठन (जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तोयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और आईएसआई) के आतंकी नियंत्रण रेखा के इस ओर आए आतंकियों के साथ संपर्क के लिए करते है।
सूत्रों के अनुसार इस कम्युनिकेशन सेंटर के बह जाने के कारण ही इन दिनों पुंछ, राजोरी क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के उस पार से आतंकियों के घुसपैठ की घटनाएं नहीं हो रही हैं, क्योंकि घुसपैठ के लिए आतंकियों को इसी सेंटर से संदेश और निर्देश जारी किए जाते थे।
तो इसलिए सीमा पर पहुंचा था हाफिज सईद
तीन सितंबर को पुलस्त नदी सहित इस तरफ की सभी बड़ी नदियों और नालों में आई बाढ़ का पानी उसी रात पीओके के दरा शेरखान में पहुंचा।
जिसकी चपेट में आने से सेंटर का संचार सामान और उपकरण भी बह गए। इसी कारण आतंकी संगठन राजोरी पुंछ जिलों में पूरी तरह अपंग हो गए हैं।
वहीं सूचना है कि इन दिनों हाफिज सईद और सलाउद्दीन जैसे बड़े आतंकी सरगना कोटली और उसके आस पास के क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं ताकि नए सिरे से कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित किया जाए।