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राज्यपाल मलिक बोले- आतंकवादी कैंपों को बर्बाद कर देंगे, जरूरत पड़ी तो पीओके जाएंगे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 21 Oct 2019 02:35 PM IST
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
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पीओके में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने के लिए भारतीय सेना द्वारा तोप के इस्तेमाल पर राज्यपाल मलिक ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी कैंपों को हम बिल्कुल बर्बाद कर देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादी बाज नहीं आए तो हम पीओके के अंदर जाएंगे।

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बता दें कि रविवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया। पाकिस्तान की कायराना हरकत का भारतीय सेना ने उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना ने करीब दो घंटे में ही तंगधार में शहीद अपने दो जवानों की शहादत का बदला ले लिया। सेना ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ताबड़तोड़ गोले बरसाकर कर आतंकियों के तीन कैंपों को तबाह कर दिया, जबकि चौथे कैंप को भी नुकसान पहुंचा है। 

सेना की इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में लश्कर-ए-ताएबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मारे गए हैं। इस कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 6 से 10 फौजी भी मार गिराए हैं। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने खुद यह जानकारी दी है।

पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सेना ने आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया

इस साल 26 फरवरी को पीओके के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद यह सेना की पहली बड़ी कार्रवाई है। सेना ने यह कार्रवाई तब की, जब पाकिस्तान ने आतंकी घुसपैठ को अंजाम देने के लिए शनिवार रात से अचानक भारतीय पोस्टों पर गोलाबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक चलती रही।

जवाब में सेना ने पीओके में बड़ी कार्रवाई करते हुए बोफोर्स आर्टिलरी गन का इस्तेमाल किया। भारतीय सेना की यह कार्रवाई तंगधार सेक्टर के ठीक दूसरी ओर पीओके स्थित नीलम घाटी में की गई। सेना ने पीओके से संचालित आतंकी अड्डों पर तोपों से बम बरसाए। वहीं, सेना ने एक बयान में कहा, सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।

सेना की इस कार्रवाई पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद कमान संभाल ली। वह इस दौरान लगातार सेना प्रमुख बिपिन रावत के संपर्क में रहे और उनसे बात कर हालात का जायजा लेते रहे। वहीं, रावत ने कहा है कि हम ऐसे किसी भी ऑपरेशन के मामले में राजनीतिक नेतृत्व को साथ लेकर चलते हैं। नेतृत्व पूरी तरह से हमारी कार्रवाई के साथ है।
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