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Jammu News: पापा, आज दुकान पर सो जाना, घर मत आना, यहां आतंकवादी आ गए हैं
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- कूटा में दुकान करने वाले रामपाल की आपबीती, कहा-बच्चों ने उनसे मोबाइल पर बात करते गुजारी पूरी रात
अरुण खजूरिया
हीरानगर। बच्चों ने फोन करके कहा कि पापा आज दुकान पर सो जाना, घर मत आना यहां आतंकवादी आ गए हैं। पूरी रात बच्चों ने फोन पर बात करते हुए घर में दुबक कर गुजारी। यहां तक की खाना भी नहीं खाया। यह कहना था कूटा में करियाना की दुकान करने वाले रामपाल का।
उन्होंने कहा मंगलवार रात करीब साढ़े सात बजे उन्हें घर से फोन आया और बच्चों ने कहा कि गांव में आतंकवादी आ गए हैं। यह सुनते ही मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल गई और मैंने उन्हें कहा कि घर से बाहर न निकले। बच्चों का डर फोन से साफ सुनाई दे रहा था। लेकिन फिर भी मैंने रात भर उनसे बात की और कहा कि खाना खाकर सो जाओ। पर उन्होंने कहा कि आपके बिना खाना खाने का मन नहीं कर रहा है और बिना खाना खाए ही रातभर जगे रहे। बुधवार सुबह जब उन्हें एक आतंकी के मरने की खबर मिली तो उन्हें कुछ राहत मिली और सुबह का खाना खाया। और दोपहर को दोनों आतंकियों के ढेर होने के बाद मैं भी दुकान बंद कर अपने परिवार के बीच पहुंचा तो पूरा परिवार गले लग कर रोने लगा। यह रात जीवन भर याद रहेगी।
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गोलियों की आवाज सुनकर पूरा गांव सहम गया
स्थानीय निवासी रिंकू शर्मा ने कहा, गोलियों की आवाज सुनकर पूरा गांव सहम गया। बच्चे बुजुर्ग सबने पूरी रात जाग कर गुजारी। कई घरों में खाना बन होने के बावजूद भी लोग भूखे पेट गोलियों की आवाज बंद होने का इंतजार करते रहे। सुरक्षाबलों ने रात भर कार्रवाई जारी रखी और सुबह दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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अरुण खजूरिया
हीरानगर। बच्चों ने फोन करके कहा कि पापा आज दुकान पर सो जाना, घर मत आना यहां आतंकवादी आ गए हैं। पूरी रात बच्चों ने फोन पर बात करते हुए घर में दुबक कर गुजारी। यहां तक की खाना भी नहीं खाया। यह कहना था कूटा में करियाना की दुकान करने वाले रामपाल का।
उन्होंने कहा मंगलवार रात करीब साढ़े सात बजे उन्हें घर से फोन आया और बच्चों ने कहा कि गांव में आतंकवादी आ गए हैं। यह सुनते ही मेरे पैरों के नीचे से जमीन निकल गई और मैंने उन्हें कहा कि घर से बाहर न निकले। बच्चों का डर फोन से साफ सुनाई दे रहा था। लेकिन फिर भी मैंने रात भर उनसे बात की और कहा कि खाना खाकर सो जाओ। पर उन्होंने कहा कि आपके बिना खाना खाने का मन नहीं कर रहा है और बिना खाना खाए ही रातभर जगे रहे। बुधवार सुबह जब उन्हें एक आतंकी के मरने की खबर मिली तो उन्हें कुछ राहत मिली और सुबह का खाना खाया। और दोपहर को दोनों आतंकियों के ढेर होने के बाद मैं भी दुकान बंद कर अपने परिवार के बीच पहुंचा तो पूरा परिवार गले लग कर रोने लगा। यह रात जीवन भर याद रहेगी।
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गोलियों की आवाज सुनकर पूरा गांव सहम गया
स्थानीय निवासी रिंकू शर्मा ने कहा, गोलियों की आवाज सुनकर पूरा गांव सहम गया। बच्चे बुजुर्ग सबने पूरी रात जाग कर गुजारी। कई घरों में खाना बन होने के बावजूद भी लोग भूखे पेट गोलियों की आवाज बंद होने का इंतजार करते रहे। सुरक्षाबलों ने रात भर कार्रवाई जारी रखी और सुबह दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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