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राजोरी में आतंकी हमला: आधार कार्ड से पहचान कर चार हिंदुओं की टारगेट किलिंग, 24 घंटे के बाद आईईडी ब्लास्ट
Mon, 02 Jan 2023 02:22 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 02 Jan 2023 02:22 PM IST
सार
नकाबपोश आतंकियों ने तीन हिंदू परिवारों को आधार कार्ड से चिह्नित करने के बाद अंधाधुंध गोलियां बरसा कर चार लोगों की हत्या कर दी। 24 घंटे के बाद घटनास्थल पर एक आईईडी ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत हो गई है और दस अन्य लोग घायल हो गए हैं।
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Rajouri Attack
- फोटो : रवि वर्मा
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विस्तार
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी जिले के डांगरी गांव में नए साल के पहले दिन नकाबपोश आतंकियों ने तीन हिंदू परिवारों को आधार कार्ड से चिह्नित करने के बाद अंधाधुंध गोलियां बरसा कर चार लोगों की हत्या कर दी। छह अन्य लोग घायल भी हुए हैं। 24 घंटे के बाद घटनास्थल पर एक आईईडी ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत हो गई है और दस अन्य लोग घायल हो गए हैं।
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आतंकियों की संख्या दो बताई जा रही है। प्रथम दृष्टया यह वारदात टारगेट किलिंग की बताई जा रही है। लश्कर-ए ताइबा के सहयोगी संगठन टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सेना और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। मरने वाले तथा घायल आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
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मरने वालों की पहचान दीपक कुमार (23), सतीश कुमार (45) एक्समैन, शिवपाल उर्फ आशीष कुमार (32) और प्रीतम लाल (56) सभी निवासी डांगरी के रूप में हुई है। बताते हैं कि आतंकियों ने पहले एक घर में घुसकर आधार कार्ड देखे। हिंदू नाम देखने के बाद उन्होंने फायरिंग की और फिर दूसरे मकान की ओर बढ़ गए। एक-एक कर तीन घरों को निशाना बनाकर आतंकी मौके से फरार हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल लोगाों को राजोरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां से तीन को एयरलिफ्ट कर जम्मू जीएमसी शिफ्ट किया गया।
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हमले में मारे गए सतीश कुमार के भाई संजय कुमार ने बताया कि डांगरी गांव में रविवार की शाम करीब साढ़े छह बजे वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर बेटे के साथ खेत में थे। इसी दौरान गोलियां चलने की आवाजें आईं। फायरिंग रुकने के बाद वह घर पहुंचे तो पाया कि भाई की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि दो आतंकियों ने मुंह पर लाल रंग का मास्क पहन रखा था। सबसे पहले उन्होंने आधार कार्ड देखे। पहचान होने के बाद उन्होंने पहले एक घर को निशाना बनाया और फिर आसपास के दो और घरों की तरफ अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए भाग गए। डांगरी के सरपंच धीरज शर्मा ने बताया कि गांव के बीचोबीच आतंकियों ने लोगों को चिह्नित कर हमला किया। स्थानीय लोग ही घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे।
घटना के विरोध में राजोरी अस्पताल में जबर्दस्त प्रदर्शन किया गया। आरोप था कि लगातार खतरे के बाद भी जिला प्रशासन ने विलेज डिफेंस ग्रुप (वीडीजी) के सदस्यों के हथियार वापस ले लिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अतिरिक्त जिलाधिकारी का घेराव किया। वे जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
अपर डांगरी गांव में दो हथियार बंद लोगों ने नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं हैं। तीन घरों को निशाना बनाकर फायरिंग की गई जो एक दूसरे से 50 मीटर दूर हैं। पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुकेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक।