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कश्मीरी युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे आतंकी
ब्यूरो/अमर उजाला,श्रीनगर
Updated Wed, 22 Jul 2015 11:13 PM IST
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कश्मीर में आतंकी संगठन युवाओं को अपने समूह में शामिल करने के लिए प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हरिभाई पी चौधरी ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
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खुफिया जानकारी से इस तरह के संकेत मिले हैं कि आतंकी संगठन कुछ युवाओं को अपने समूह में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने आतंकियों के इन मंसूबों को नाकाम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। रोजगार के अवसर के साथ ही युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने वाली योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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कश्मीरी युवाओं का आतंकवाद की राह पर जाना चिंताजनक
श्रीनगर स्थित सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने कहा कि कश्मीरी युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने की सूचनाओं से सेना चिंतित है। उन्होंने कहा कि सभी सक्रिय एजेंसियों की यह संयुक्त जिम्मेदारी है कि वे इस पर रोक लगाने के लिए हर संभव प्रयास करें और युवाओं को सकारात्मक एवं उनके भविष्य निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने का काम करें।
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आतंकवाद की राह चुनने से कश्मीरी युवाओं को रोकने में सेना की भूमिका पर साहा ने कहा कि सेना द्वारा युवाओं को व्यवसायिक शिक्षा देने के साथ ही खेल गतिविधियों और कई अन्य तरह की ट्रेनिंग देने के कार्यक्रम शुरू किए गए हैं जो स्वरोजगार के अवसर पैदा करने और बेहतर भविष्य बनाने के काम आ सकें।
साहा ने कटड़ा में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कितने युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए हैं, यह उनके लिए मायने नहीं रखता, बल्कि अगर एक भी युवा आतंकवाद की राह चुनता है तो उससे उन्हें चिंता होती है।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही उत्तरी कमांड के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा भी विभिन्न आतंकी संगठनों में कश्मीरी युवाओं के शामिल होने पर चिता जता चुके हैं। बुधवार को कटड़ा पहुंचे लेफ्टिनेंट जनरल साहा ने कहा कि कश्मीर के युवाओं को उनका भविष्य संवारने का पूरा मौका मिलना चाहिए और इसके लिए उन्हें उचित अवसर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि वे उन्नति कर सकें और राह भटककर बंदूकें न थामें।
कश्मीर में आईएस (इस्लामिक स्टेट) के झंडे लहराए जाने के संबंध में साहा का कहना था कि यह एक गंभीर मामला है और इस पर विभिन्न एजेंसियों को नजर बनाकर रखनी होगी। पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन किए जाने पर साहा ने कहा कि एलओसी पर घुसपैठ रोकने को बनाया गया सुरक्षा तंत्र अचूक है और इस वर्ष अब तक हुई घुसपैठ की कोशिशों को पूरी तरह नाकाम किया जा चुका है।