जैश कमांडर अब्दुल के खात्मे के बाद अब्दुल्ला गाजी की बारी, आईजी बोले- सेना जल्द उसको भी मारेगी
आईजी विजय कुमार ने कहा कि हमारा अगला टारगेट अब्दुल्ला राशिद गाजी है। वह पुलवामा के ग्रेव इलाके में सक्रिय है। सेना जल्द उसको भी मारेगी। आईईडी के बढ़ते खतरों के बारे में आईजी ने कहा कि इसका खतरा हमेशा बना रहता है। किसी एक आतंकी के मारे अथवा पकड़े जाने से हम यह नहीं कह सकते कि खतरा कम हो गया।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने बताया कि सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया पाकिस्तानी जैश कमांडर अब्दुल रहमान उर्फ फौजी वर्ष 2017 से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था। वह अफगानिस्तान में भी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल रहा है।
इसी वर्ष हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के बाद फौजी का मारा जाना एक बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि हमारा अगला टारगेट अब्दुल्ला राशिद गाजी है। इससे पहले वर्ष 2019 के एक एनकाउंटर में ये बच निकला था।
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आईजी विजय कुमार ने बताया कि पुलवामा मे सक्रिय फौजी जैश ए मोहम्मद का आतंकी था। इसके अलावा वलीद भाई और लंबू दोनों भी जैश के आईईडी एक्सपर्ट हैं। हमारा अगला टारगेट अब्दुल्ला राशिद गाजी है, वो ज्यादा सामने नहीं आता है। वह पुलवामा के ग्रेव इलाके में सक्रिय है। सेना जल्द उसको भी मारेगी।
उन्होंने बताया कि कंगन ऑपरेशन को सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने मिलकर पूरा किया है। इस वर्ष अब तक 75 आतंकी मारे गए हैं, इनमें कमांडरों की संख्या ज्यादा है। सुरक्षाबलों ने लश्कर, जैश व अंसार गजवा-ए-तुल के शीर्ष कमांडरों को मार गिराया है।
आईईडी का खतरा हमेशा रहता है
आईईडी के बढ़ते खतरों के बारे में आईजी ने कहा कि इसका खतरा हमेशा बना रहता है। किसी एक आतंकी के मारे अथवा पकड़े जाने से हम यह नहीं कह सकते कि खतरा कम हो गया। जम्मू-कश्मीर के लोग सुरक्षाबलों को सपोर्ट करते हैं। कुछ 5-6 फीसदी लोग ही हैं, जो पत्थर मारते हैं और अवरोध पैदा करते हैं।