राजोरी में दो समुदायों में बढ़ा तनाव, स्थिति नियंत्रण में
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शहर का सांप्रदायिक सौहार्द को एक बार असामाजिक तत्वों के निशाने पर हैं। पिछले तीन दिनों से शहर में दो समुदायों के बीच उठे तनाव ने मंगलवार को उग्र रूप लेना चाहा लेकिन सीएपीडी मंत्री के हस्ताक्षेप के बाद मामला नियंत्रण में आ गया।
बहुसंख्यक समुदाय ने अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बहुसंख्यक समुदाय का एक पुलिस कर्मी पांजा चौक क्षेत्र में अपने वाहन पर पशु लेकर जा रहा था।
जिस पर अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों ने पुलिसकर्मी और उसकी पत्नी पर पशु तस्करी का आरोप लगाते हुए मारपीट की और दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
मामले से गुस्साए बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने शहर के गुज्जर मंडी से डाक बंगले तक रैली निकाल कर प्रदर्शन किया और सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार से मुलाकात कर मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
72 घंटे के अंदर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
वहीं मंत्री ने बहुसंख्यक समुदाय के लोगों को 72 घंटे के अंदर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों की शिकायत पर पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों पर मामला दर्ज कर लिया है।
वहीं दूसरी ओर अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने बिना मारपीट किए पशु तस्करी में शामिल पुलिस कर्मी को पशुओं से लदे वाहन के साथ पुलिस के हवाले किया था।
इसके साथ उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी पिछले काफी समय से पशु तस्करी में शामिल है। इस बात का पुख्ता सबूत भी है। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मी को छोड़ दिया। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने एसएसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पूरे मामले में एसएसपी ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया कि बिना पूरी जांच के पुलिस किसी भी युवक को गिरफ्तार नहीं करेगी।