शिक्षकों के घरों में इस बार नहीं मनेगी ईद
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लेकिन इनमें से केवल सात पदों पर ही जेडईओ नियुक्त हैं। बाकी के आठ पद रिक्त पड़े हैं। आठ पदों के कार्यभार या तो किसी प्रिंसिपल के पास है या किसी हेडमास्टर के पास। ये अधिकारी पूरा समय अपने-अपने अतिरिक्त जोनों में नहीं दे सकते हैं।
यही कारण है कि समय पर वेतन प्रदान करने में समस्या आती है। वहीं राजोरी टीचर्स यूनियन के जिला प्रधान राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह रिक्त पड़े जेडईओ के पदों को जल्द भरें, ताकि समय पर हर कार्य हो सके।
उन्होंने सरकार के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को ईद पर सभी सरकारी कर्मचारियों को वेतन दे देना चाहिए था।
शिक्षकों को अभी तक नहीं मिला वेतन
आज ईद है, लेकिन कई सरकारी विभाग ऐसे हैं, जहां के कर्मचारियों को ईद के पर्व पर अभी तक वेतन ही नहीं मिला है। विशेषकर शिक्षा विभाग के शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने पर उनमें काफी रोष है।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान शाहबाज मुगल ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि ईद से पहले ही सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों को वेतन मिल जाएगा।
लेकिन उनका भरोसा पूरा नहीं होने से शिक्षकों में काफी रोष है। मुगल ने राज्य सरकार के इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यदि ईद के पर्व पर भी हमें वेतन नहीं मिला तो मुख्यमंत्री ही इसके पूरे जिम्मेदार हैं। जिले में करीब 15 शिक्षा जोन हैं।