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Jammu News: कश्मीर में पीएम फसल बीमा योजना लागू न होने पर तारिगामी ने उठाए सवाल
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श्रीनगर। सीपीआई (एम) नेता और कुलगाम के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कश्मीर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू न होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों को इस योजना के लाभों से लगातार वंचित रखे जाने पर गंभीर चिंता जताई।
तारिगामी ने सरकार से पीएमएफबीवाई की स्थिति का आकलन करने और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल के प्रतिकूल मौसम ने कश्मीर के कृषि क्षेत्र, विशेष रूप से सेब के बागों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
बताया कि 2016-17 में पीएमएफबीवाई शुरू होने और केंद्र सरकार द्वारा हिमालयी क्षेत्रों के किसानों के लिए 90% सब्सिडी की पेशकश के बावजूद, यह योजना घाटी के किसानों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।
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उन्होंने नुकसान के आकलन की पुरानी पद्धति की भी आलोचना की, जो अभी भी पारंपरिक पटवारियों पर निर्भर है। उन्होंने कहा “यह पुरानी प्रणाली अक्सर गलत रिकॉर्ड और राजनीतिक या नौकरशाही प्रभाव से प्रेरित मुआवजे का कारण बनती है। समय पर नुकसान का आकलन और पारदर्शी मुआवजा तंत्र के बिना, किसान लगातार नुकसान झेल रहे हैं”।
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तारिगामी ने सरकार से पीएमएफबीवाई की स्थिति का आकलन करने और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल के प्रतिकूल मौसम ने कश्मीर के कृषि क्षेत्र, विशेष रूप से सेब के बागों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
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बताया कि 2016-17 में पीएमएफबीवाई शुरू होने और केंद्र सरकार द्वारा हिमालयी क्षेत्रों के किसानों के लिए 90% सब्सिडी की पेशकश के बावजूद, यह योजना घाटी के किसानों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।
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उन्होंने नुकसान के आकलन की पुरानी पद्धति की भी आलोचना की, जो अभी भी पारंपरिक पटवारियों पर निर्भर है। उन्होंने कहा “यह पुरानी प्रणाली अक्सर गलत रिकॉर्ड और राजनीतिक या नौकरशाही प्रभाव से प्रेरित मुआवजे का कारण बनती है। समय पर नुकसान का आकलन और पारदर्शी मुआवजा तंत्र के बिना, किसान लगातार नुकसान झेल रहे हैं”।