बच्चों और महिलाओं को निशाना बनाना कायरतापूर्ण: गिलानी
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पाकिस्तान के पेशावर में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में मारे गए करीब 120 से अधिक मासूम बच्चों की हत्या पर कश्मीर घाटी के हर वर्ग में गुस्सा रहा। समाज के हर वर्ग ने इस घटना की निंदा की है। लोग इसे आतंकवाद की एक घिनौनी मिसाल मान रहे हैं। कहा कि बेगुनाहों को निशाना बनाना कोई जेहाद नहीं है। घाटी में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।
पेशे से वकील अर्शी (24) नाम की युवती के अनुसार, पेशावर की घटना काफी निंदनीय और कायरतापूर्ण है। मासूम बच्चे, जिनका न ही राजनीति से लेना देना है और न ही वह नीति निर्माता हैं, की हत्या काफी कायरतापूर्ण कार्य हैं।
उनके अनुसार यह जो हमला हुआ है इसने तो आतंकवाद की हदें पार कर दी हैं। जिन आतंकियों ने यह हमला किया उसके खिलाफ पाकिस्तान को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बंदूक उठाना कोई जेहाद नहीं यह सिर्फ और सिर्फ आतंकवाद की घिनौनी मिसाल है।
यूथ कौंसिल के अध्यक्ष तौसीफ अहमद के अनुसार, यह काफी घिनौनी हरकत है, जिसमें बच्चों को निशाना बनाया गया है। इंसानियत के लिए इससे शर्मनाक हरकत कोई नहीं हो सकती। तौसीफ ने पाकिस्तान द्वारा आतंकियों और आतंकवाद को पनाह देने की बात पर कहा कि अगर कोई किसी के लिए गड्ढा खोदता है तो वह स्वयं उसमें जा गिरता है। आज पाकिस्तान खुद उस आतंकवाद का शिकार हो रहा है जिसे उसने पनाह दी थी।
कट्टरपंथी हुर्रियत नेता और हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि निहत्थे बच्चों और महिलाओं को निशाना बनाना कायरों का काम है। इस्लाम और कोई और धर्म ऐसा कायरतापूर्ण कार्य करने के खिलाफ है। कोई भी धर्म हिंसा का संदेश नहीं देता। गिलानी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि कहीं पर और कभी भी ऐसी घटना हो।
गौरतलब है कि पहले ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में सोमवार को हुए आतंकी हमले के साथ-साथ मंगलवार को पाकिस्तान में हुए इस हमले के साथ ही कश्मीर घाटी में भी हाई अलर्ट किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के आदेश जारी किए गए हैं।