{"_id":"640b99010478fdf992089ce6","slug":"t-5-tunnel-jammu-news-c-10-jam1008-65005-2023-03-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"J&K: जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सफर बनेगा आसानअगले सप्ताह होगा टी-5 सुरंग का लोकार्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
J&K: जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सफर बनेगा आसानअगले सप्ताह होगा टी-5 सुरंग का लोकार्पण
Sat, 11 Mar 2023 06:12 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Mar 2023 06:12 PM IST
सार
रामबन जिले के पंथेयाल में 880 मीटर लंबी टी 5 सुरंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। अगले सप्ताह इसे आम जनता के लिए खोला जा सकता है। इसके बाद लोगों को भूस्खलन के अति प्रभावित इस इलाके से मुक्ति मिल जाएगी और यात्री बाइपास से होकर निकल जाएंगे।
विज्ञापन
T 5 Tunnel
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से अति प्रभावित पंथेयाल इलाके में फंसने वाले यात्रियों को इससे शीघ्र ही मुक्ति मिल जाएगी। रामबन जिले के पंथेयाल में 880 मीटर लंबी टी 5 सुरंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। अगले सप्ताह इसे आम जनता के लिए खोला जा सकता है। इसके बाद लोगों को भूस्खलन के अति प्रभावित इस इलाके से मुक्ति मिल जाएगी और यात्री बाइपास से होकर निकल जाएंगे। इसके साथ ही रामबन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी 15 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
हाईवे रीअलाइनमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा इस टिवन-ट्यूब 880 मीटर लंबी सुरंग पर काम 2020 में शुरू हुआ था। पिछले कुछ वर्षों के दौरान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के महत्वपूर्ण खंड पर लोहे और इस्पात की एक अस्थायी सुरंग ने राजमार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को कुछ राहत प्रदान की। लेकिन लगातार पत्थर गिरने से हादसो की आशंका हमेशा बनी रहती थी। कई बार लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी।
विज्ञापन
रामबन के उपायुक्त मुसर्रत इस्लाम बताते हैं कि टी 5 सुरंग चालू हो जाने के बाद लगातार ट्रैफिक जाम के साथ-साथ पत्थरों के गिरने का डर हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र बारहमासी सड़क 270 किलोमीटर लंबे राजमार्ग की चार-लेन परियोजना 2011 में शुरू हुई थी। इसके अंतर्गत कई छोटी और बड़ी सुरंगें, पुल और फ्लाईओवरों का निर्माण किया जाना था। पिछले एक दशक में कई समयसीमाएं बीतने के बाद इसे अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य पुन: निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
रामबन उपायुक्त बताते हैं कि हमारे पास नाशरी सुरंग से बनिहाल सुरंग तक 66 किलोमीटर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण परियोजना पर काम कर रहा है। हमें पिछले साल तीन सुरंगें और कई अन्य छोटी सुरंगों का निर्माण पूरा कर लिया गया है जबकि कई पुलों का काम पूरा होने वाला है। यह पुल कई महत्वपूर्ण स्थानों को बाइपास कर सफर को आसान बनाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जुलाई के अंत तक रामबन जिले के हिस्से की यात्रा काफी आरामदायक हो जाएगी।
रामबन फ्लाईओवर 15 अप्रैल तक तैयार हो जाएगा
डीसी ने बताय कि रामबन फ्लाईओवर जो रामबन बाजार को बायपास करेगा वह 15 अप्रैल तक, करोल के पास जैशवाल पुल 31 मार्च तक और पीडा और चंदरकोट के बीच 873 मीटर लंबी कुन्फर सुरंग के भी अगले महीने भी खुलने की उम्मीद है।
प्रतिदिन दस से 11 हजार वाहन गुजरते हैं हाईवे से
औसतन 10,000 से 11,000 से अधिक वाहन दैनिक आधार पर (श्रीनगर और जम्मू के बीच) राजमार्ग पर चलते हैं। यह एकमात्र बारहमासी सड़क है, इसलिए काम कर रही एजेंसियों के लिए चुनौतियां भी अधिक हैं।
कई लोग पंंथेयाल इलाके में गंवा चुके हैं जान
पिछले कई दशकों से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन जिले के कैफटेरिया मोड़ पर पंथेयाल इलाका जी का जंजाल बना हुआ है। दिन में कब पत्थरों की बरसात इस हिस्से पर हो जाए कोई नहीं जानता। यह पत्थरों की बरसात पिछले एक अरसे में बीसियों लोगों की जान भी ले चुकी है।