{"_id":"5df5f7568ebc3e87b2708c17","slug":"swine-flu-patient-dies-first-case-of-season-in-jammu-and-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू के मरीज की मौत, जम्मू-कश्मीर में सीजन का पहला मामला, आप भी इन बातों को नजरअंदाज न करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू के मरीज की मौत, जम्मू-कश्मीर में सीजन का पहला मामला, आप भी इन बातों को नजरअंदाज न करें
Sun, 15 Dec 2019 02:35 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 15 Dec 2019 02:35 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएमसी के नए इमरजेंसी ब्लॉक में भर्ती स्वाइन फ्लू के एक संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। शहर के सिंबल इलाके की रहने वाली एक 55 वर्षीय महिला मरीज को शनिवार को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था, उसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए। उसे सांस संबंधी कई अन्य दिक्कतें हो रही थीं। परिवार वाले उसे जीएमसी से दूसरे राज्य के चिकित्सा केंद्र में ले जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। हालांकि जीएमसी में उसके स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई थी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार शनिवार को एक महिला को जीएमसी लाया गया। स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर महिला को फौरन नए इमरजेंसी वार्ड के कमरा नंबर 4 में बनाए गए आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। महिला का उपचार जारी ही था कि परिजन उसे किसी दूसरे राज्य के चिकित्सा संस्थान ले गए। दूसरे राज्य ले जाते समय ही महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए जीएमसी में ओपीडी कांप्लेक्स के साथ तीस बेड वाला आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसमें संबंधित स्टाफ की तैनाती की गई है। इसमें संबंधित वायरल के लक्षण मिलने वाले संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया जाता है। संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने के साथ उन्हें आइसोलेट करके टैमीफ्लू 75 मिलीग्राम की दो टेबलेट एक दिन में दी जाती है।
विज्ञापन
आप भी इन बातों को नजरअंदाज न करें
इसके साथ उनकी सेहत पर नियमित नजर रखी जाती है। कश्मीर में बर्फबारी के साथ स्वाइन फ्लू के मामलों के आने का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर डॉ. समीर मट्टू के अनुसार अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला नहीं आया है। स्वाइन फ्लू के मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं। जीएमसी जम्मू में पिछले कई वर्षों से करोड़ रुपया खर्च करने के बावजूद स्वाइन फ्लू की अपनी लैब तैयार नहीं हो पाई है। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड को तैयार किया गया है। इसमें स्टाफ के साथ जरूरी दवाओं और अन्य दूसरी सामग्री को उपलब्ध करवाया गया है।
--क्या करें--
--क्या न करें--
इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं। जीएमसी जम्मू में पिछले कई वर्षों से करोड़ रुपया खर्च करने के बावजूद स्वाइन फ्लू की अपनी लैब तैयार नहीं हो पाई है। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना ने कहा कि आइसोलेशन वार्ड को तैयार किया गया है। इसमें स्टाफ के साथ जरूरी दवाओं और अन्य दूसरी सामग्री को उपलब्ध करवाया गया है।
--क्या करें--
- लक्षणों से प्रभावित व्यक्ति अन्य लोगों से दूरी बनाएं
- खांसते अथवा छींकते समय मुंह व नाक को ढकें
- नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले व बाद में हाथों को धोएं
- भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें
- अच्छी नींद लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तथा तनाव को प्रभावी रूप से संभालें
--क्या न करें--
- लक्षण मिलने पर हाथ न मिलाएं, गले न लगें
- फिजिशियन की सलाह के बिना कोई भी दवाई का सेवन न करें, बाहर न थूकें