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राशन वितरण में हो रही परेशानिया
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राशन वितरण में हो रही परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरां साहिब। लोगों को खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से राशन वितरण करने पर डीलरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका संबंधित विभाग के अधिकारियों से समाधान करने की मांग की।
लोगों का कहना है कि संबंधित राशन डीलरों द्वारा बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से अंगूठा लगा राशन डीलर राशन प्राप्त करने के लिए कहा जा रहा है। इस समय कोरोना के चलते उपभोक्ता मशीन पर अंगूठा नहीं लगाना चाहते। इसके चलते लोगों को संबंधित राशन डीलरों द्वारा राशन वितरण नहीं किया जा रहा। कुलवंत सिंह ने बताया कि जब तक कोरोना महामारी चल रही है तब तक खाद्य व आपूर्ति विभाग को चाहिए कि बायोमीट्रिक मशीन का प्रयोग नहीं करे ताकि लोगों को राशन मिल सके। पवन कुमार का कहना है कि खाद्य व आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारियों को चाहिए कि वह राशन वितरण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए समाधान करे ताकि लोगों को इस मुश्किल समय में राशन सुचारु रूप से मिल सके। राशन डीलर अजय कुमार, रोमेश लाल ने कहा कि विभाग की ओर से बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से लोगों को राशन वितरण करने का निर्देश जारी किए होने पर दिक्कत आ रही है। इसका समाधान किया जाए ताकि लोगों को राशन वितरित किया जा सके।
राशन मुहैया कराने के फैसले से प्रवासी मजदूरों में खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। केंद्र की सरकार की ओर से कोरोना महामारी के चलते सरकार की तरफ से गरीब कल्याण योजना के तहत राशन मुहैया कराने के फैसले का स्वागत किया गया है। प्रवासी मजदूर रतन ओझा ने कहा कि इन दिनों काम नहीं मिल रहा है। इसके चलते अब राशन खरीद पाना भी मुश्किल है। सरकार की ओर से प्रति व्यक्ति पांच किलो राशन मुहैया कराए जाने की घोषणा से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
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गोपालनंद ने कहा कि अपने राज्य में जाने के लिए अब किराया भी नहीं होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण के कार्य लोगों द्वारा बंद कराने पर अब दिहाड़ी लगा पा रहे। रोजी-रोटी का संकट होने पर मकान मलिक भी किराया मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए राशन के साथ मजदूर वर्ग के लोगों को दो हजार रुपये प्रति माह राशि उपलब्ध कराई जाए ताकि वह परिवार का खर्च चला सकें। कृपाल यादव का कहना है कि जिस प्रकार सरकार की ओर से गत वर्ष लॉक डाउन लगाए जाने पर प्रवासी मजदूरों को भेजा गया था। उसी प्रकार व्यवस्था की जाए ताकि अपने घरों में पहुंच परिवार के साथ रहें। दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गरीबी रेखा के अधीन रहने वाले हर परिवार को छह हजार रुपये की राशि प्रतिमाह मुहैया कराई जाए ताकि वह घर का खर्च चला सकें। मोहिंद्र लाल का कहना है कि वह रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करने पर निर्भर हैं। इस समय काम नहीं होने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राशन मुहैया कराए जाने के साथ सरकार नकद राशि भी मुहैया कराए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मीरां साहिब। लोगों को खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से राशन वितरण करने पर डीलरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका संबंधित विभाग के अधिकारियों से समाधान करने की मांग की।
लोगों का कहना है कि संबंधित राशन डीलरों द्वारा बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से अंगूठा लगा राशन डीलर राशन प्राप्त करने के लिए कहा जा रहा है। इस समय कोरोना के चलते उपभोक्ता मशीन पर अंगूठा नहीं लगाना चाहते। इसके चलते लोगों को संबंधित राशन डीलरों द्वारा राशन वितरण नहीं किया जा रहा। कुलवंत सिंह ने बताया कि जब तक कोरोना महामारी चल रही है तब तक खाद्य व आपूर्ति विभाग को चाहिए कि बायोमीट्रिक मशीन का प्रयोग नहीं करे ताकि लोगों को राशन मिल सके। पवन कुमार का कहना है कि खाद्य व आपूर्ति विभाग के उच्चाधिकारियों को चाहिए कि वह राशन वितरण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए समाधान करे ताकि लोगों को इस मुश्किल समय में राशन सुचारु रूप से मिल सके। राशन डीलर अजय कुमार, रोमेश लाल ने कहा कि विभाग की ओर से बायोमीट्रिक मशीन के माध्यम से लोगों को राशन वितरण करने का निर्देश जारी किए होने पर दिक्कत आ रही है। इसका समाधान किया जाए ताकि लोगों को राशन वितरित किया जा सके।
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राशन मुहैया कराने के फैसले से प्रवासी मजदूरों में खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। केंद्र की सरकार की ओर से कोरोना महामारी के चलते सरकार की तरफ से गरीब कल्याण योजना के तहत राशन मुहैया कराने के फैसले का स्वागत किया गया है। प्रवासी मजदूर रतन ओझा ने कहा कि इन दिनों काम नहीं मिल रहा है। इसके चलते अब राशन खरीद पाना भी मुश्किल है। सरकार की ओर से प्रति व्यक्ति पांच किलो राशन मुहैया कराए जाने की घोषणा से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
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गोपालनंद ने कहा कि अपने राज्य में जाने के लिए अब किराया भी नहीं होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भवन निर्माण के कार्य लोगों द्वारा बंद कराने पर अब दिहाड़ी लगा पा रहे। रोजी-रोटी का संकट होने पर मकान मलिक भी किराया मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए राशन के साथ मजदूर वर्ग के लोगों को दो हजार रुपये प्रति माह राशि उपलब्ध कराई जाए ताकि वह परिवार का खर्च चला सकें। कृपाल यादव का कहना है कि जिस प्रकार सरकार की ओर से गत वर्ष लॉक डाउन लगाए जाने पर प्रवासी मजदूरों को भेजा गया था। उसी प्रकार व्यवस्था की जाए ताकि अपने घरों में पहुंच परिवार के साथ रहें। दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गरीबी रेखा के अधीन रहने वाले हर परिवार को छह हजार रुपये की राशि प्रतिमाह मुहैया कराई जाए ताकि वह घर का खर्च चला सकें। मोहिंद्र लाल का कहना है कि वह रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन पोषण करने पर निर्भर हैं। इस समय काम नहीं होने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राशन मुहैया कराए जाने के साथ सरकार नकद राशि भी मुहैया कराए।