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सुंजवां हमलाः खौफ के 60 घंटे, डर के मारे बेड के नीचे लेटे थे लोग, अटकी रहीं सांसें
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:44 AM IST
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Sunjwan attack
- फोटो : AMAR UJALA
सुंजवां सैन्य ब्रिगेड पर आतंकी हमले को अब छह दिन हो चुके हैं। लेकिन दहशत के उन पलों में हजारों लोगों की सांसें किस तरह से अटकी रहीं, यह पारिवारिक क्वार्टरों में रहने वाले लोगों से बेहतर कोई नहीं जानता। 24 घंटों तक कई लोग कमरों के अंदर बेड के नीचे छुपे रहे।
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आतंकी दरवाजे तोड़कर कहीं अंदर न घुस न आएं? इस खौफ से लोगों ने दरवाजों के आगे अलमारियां सटा दीं थी। कई ने चारपाइयां, तो कई ने बेड दरवाजे से सटा दिए। जिस किसी को भी कोई भारी भरकम वस्तु मिली। उसने दरवाजे से लगा दी। ताकि आतंकी अंदर न घुस सकें।
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सुंजवां ब्रिगेड में रहने वाले कुछ लोगों से अमर उजाला उजाला की बात हुई है। लोगों ने दहशत में गुजारे उन 24 घंटों को साझा किया। सुरक्षा कारणों से किसी का नाम नहीं बताया जा सकता। बातचीत में लोगों ने बताया कि शनिवार तड़के ही हमला हो गया था।
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हमला होने के बाद गुपचुप तरीके से सभी पारिवारिक क्वार्टरों में रहने वाले लोगों से सेना ने संपर्क बनाया। इन लोगों से कहा गया कि वह अपने क्वार्टरों से बाहर न निकलें। दरवाजों के आगे भारी भरकम वस्तुओं को खड़ा कर दें, ताकि कोई अंदर न घुस सके। रविवार सुबह 7 बजे सेना की ओर से उन क्वार्टरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यहां आतंकी घुसे हुए थे।
मोबाइल स्विच आफ करने की भी दी हिदायत
हमलेे के वक्त अधिकतर लोगों ने अपने फोन बंद कर दिए थे। ताकि मोबाइल की घंटी न बज सके। कई छोटे-छोटे बच्चों को माताओं ने मुश्किल से चुप कराया। बच्चे गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत में थे। अधिकतर लोगों ने 24 घंटों तक शौच नहीं किया।
बिस्कुट और मैगी से निकाला वक्त
एक परिवार ने बताया कि 24 घंटे तक वह अपने क्वार्टर में कैद रहे। हिम्मत कर किचन तक पहुंचा गया। यहां मैगी बनाकर बच्चों को खिलाई। कुछ बिस्कुट पड़े थे। मैगी और बिस्कुट खाकर वक्त निकाला।