{"_id":"6a35b0beb7d248d21b0f5d86","slug":"suggestions-industry-policy-jammu-news-c-10-jmu1062-942577-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के लिए उद्योग जगत से लिए सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के लिए उद्योग जगत से लिए सुझाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। प्रदेश में उद्योग लगाने और कारोबार शुरू करने की राह आसान बनाने के लिए सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। कानून के तहत मंजूरियां लेने में होने वाली देरी कम करने और कारोबार से जुड़े कामकाज को आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही उद्योग विभाग नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के लिए उद्योग और व्यापार संगठनों से सुझाव भी ले रहा है।
शुक्रवार को उद्योग भवन में आयोजित बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त शैलेंद्र कुमार ने उद्योग और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबार को आसान बनाने और नई औद्योगिक नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह, जेके बैंक के जोनल प्रमुख अशोक गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह उद्योग संगठनों के साथ सरकार की दूसरी बैठक थी। पिछली बैठक में रखे गए सुझाव पर भी चर्चा हुई। नई औद्योगिक नीति के मसौदे को लेकर कारोबारियों की जरूरतों और उन्हें पेश आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से विचार किया गया ताकि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक बनाया जा सके।
बताया गया कि मौजूदा सिंगल विंडो सिस्टम के अलावा सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट लाने पर काम कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से मंजूरियां लेने में अक्सर काफी समय लग जाता है। नए कानून का मकसद इस पूरी प्रक्रिया को तेज और आसान बनाना है, ताकि कारोबार शुरू करने वालों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
शैलेंद्र कुमार ने कहा कि औद्योगिक नीति में ऐसे बदलाव पर काम हो रहा है, जिनसे ज्यादा उद्योग आएं, कारोबार बढ़े और उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक में शामिल उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंजूरियों की प्रक्रिया आसान बनाने, नए उद्योगों को बढ़ावा देने और कारोबारियों के सामने आने वाली दिक्कतों को दूर करने से जुड़े कई सुझाव दिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को उद्योग भवन में आयोजित बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त शैलेंद्र कुमार ने उद्योग और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबार को आसान बनाने और नई औद्योगिक नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह, जेके बैंक के जोनल प्रमुख अशोक गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह उद्योग संगठनों के साथ सरकार की दूसरी बैठक थी। पिछली बैठक में रखे गए सुझाव पर भी चर्चा हुई। नई औद्योगिक नीति के मसौदे को लेकर कारोबारियों की जरूरतों और उन्हें पेश आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से विचार किया गया ताकि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक बनाया जा सके।
विज्ञापन
बताया गया कि मौजूदा सिंगल विंडो सिस्टम के अलावा सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट लाने पर काम कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से मंजूरियां लेने में अक्सर काफी समय लग जाता है। नए कानून का मकसद इस पूरी प्रक्रिया को तेज और आसान बनाना है, ताकि कारोबार शुरू करने वालों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
शैलेंद्र कुमार ने कहा कि औद्योगिक नीति में ऐसे बदलाव पर काम हो रहा है, जिनसे ज्यादा उद्योग आएं, कारोबार बढ़े और उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक में शामिल उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंजूरियों की प्रक्रिया आसान बनाने, नए उद्योगों को बढ़ावा देने और कारोबारियों के सामने आने वाली दिक्कतों को दूर करने से जुड़े कई सुझाव दिए।