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जम्मू कश्मीर: मधुमेह के मरीजों का आंकड़ा बढ़ने लगा, जम्मू के सरकारी अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 50 मरीज

Sat, 08 Oct 2022 03:13 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 08 Oct 2022 03:13 PM IST
सार

सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की फिजिशियन सेक्शन में रोजाना 40 से 50 मरीज मधुमेह से ग्रस्त होकर पहुंचते हैं। इनमें 20 से 25 प्रतिशत नए मामले होते हैं। इस सेक्शन में रूटीन सर्जरी के लिए पहुंचने वाले रोजाना 5 से 7 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें पता ही नहीं है कि वे मधुमेह से ग्रस्त हो गए हैं।

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Sugar patients started increasing in Jammu and Kashmir
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

मधुमेह (शूगर) एक बीमारी न रहकर अब सामाजिक स्तर पर बीमारियों का एक समूह बन गई है। मधुमेह से किडनी, दिमाग, नेत्र, हृदय सहित अन्य शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो रहे हैं। एलोपैथी के बाद आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी मधुमेह के पीड़ितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। डाक्टरों की माने तो मधुमेह से पीड़ित दंपत्तियों के बच्चों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

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अगर उनकी जीवनशैली बेहतर नहीं होगी तो उनमें मधुमेह का पांच गुणा खतरा अधिक बढ़ जाएगा। सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की फिजिशियन सेक्शन में रोजाना 40 से 50 मरीज मधुमेह से ग्रस्त होकर पहुंचते हैं। इनमें 20 से 25 प्रतिशत नए मामले होते हैं।
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इस सेक्शन में रूटीन सर्जरी के लिए पहुंचने वाले रोजाना 5 से 7 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें पता ही नहीं है कि वे मधुमेह से ग्रस्त हो गए हैं। उनकी जांच में इसकी पुष्टि होती है। फिजिशियन डा. विपिन चंद्र बताते हैं कि पिछले एक साल से देखा जा रहा है कि अब 25 से 35 साल के युवाओं में भी तेजी से मधुमेह बढ़ रहा है। 
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इन मामलों में अचानक स्केनिंग के दौरान नए मामले पकड़ में आ रहे हैं। ऐसा भी देखा जा रहा है कि महिलाएं भी तेजी से मधुमेह का शिकार हो रही है। इन मामलों के इतिहास में पाया गया है कि समाज में अधिकांश एकल परिवारों का चलन बढ़ रहा है।


जिससे महिलाओं पर कार्यालय और घरेलू कामकाज का दबाव बढ़ने से तनाव का स्तर बढ़ा है, जो मधुमेह का कारण बन रहा है। कई मामलों में देखा गया है कि कुछ लोगों के साथ बड़े हादसे होने के बाद वे तनाव और डिप्रेशन में आकर मधुमेह से पीड़ित हो गए हैं। 

कारण 

1. जंक फूड का अधिक सेवन करना
2. देर रात खाना खाना जो पाचन नहीं होता और पैनक्रिया में रुकावट करता है
3. शारीरिक गतिविधियां न करना, अधिक आराम को तवज्जो देना 
4. असंतुलित आहार लेने से तबीयत बिगड़ना

लक्षण

1. पीड़ित को बार बार पेशाब आना
2. पेशाब करने पर उस पर चिंटियों का पहुंचना 
3. थकावट महसूस करना, काम करने की इच्छा न होना

बचाव 

1. संतुलित आहार, विहार, आचरण का पालन करें
2. दिनचर्या में योग और प्राणायाम को अपनाए
3. जीवन में शारीरिक और मानसिक गतिविधियां अपनाएं
4. समय-समय पर मधुमेह की जांच करवाते रहें

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