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आतंकी मन्नान को शहीद घोषित करने पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बवाल, तीन छात्र निलंबित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Thu, 11 Oct 2018 10:13 PM IST
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aligarh muslim university
aligarh muslim university - फोटो : फाइल
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सेना से मुठभेड़ में मारे गए आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर एवं पूर्व छात्र मन्नान बशीर वानी को कुछ छात्रों ने शहीद घोषित कर नमाज ए जनाजा पढ़ने की कोशिश की तो बवाल हो गया। काफी तादात में सीनियर छात्र कश्मीरी छात्रों के विरोध में खड़े हो गए। सीनियर छात्रों के मुखर विरोध और प्रॉक्टोरियल टीम की सूझबूझ से एएमयू भारी बदनामी से बच गया।
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इस दौरान कश्मीर के कुछ छात्रों एवं प्रॉक्टोरियल टीम के बीच जमकर नोकझोंक हुई। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को दौड़ा कर भगा दिया। सीनियर छात्रों से भी कश्मीर के कुछ छात्रों की बहस भी हुई। अनुशासनहीनता के मामले में तीन छात्रों को निलंबित कर दिया गया है।


सेना से मुठभेड़ में मन्नान वानी के मारे जाने की सूचना मिलने के बाद कश्मीर के छात्र गोलबंद होने लगे। देखते-देखते सोशल मीडिया पर ‘मन्नान भाई’ को शहीद घोषित कर साढ़े तीन बजे कैनेडी हॉल परिसर में नमाज ए जनाजा का आयोजन की सूचना दी गई। निर्धारित समय पर करीब 100-150 कश्मीर के छात्र जमा हो गए। प्रॉक्टोरियल टीम भी दल-बल के साथ कैनेडी हॉल के पास पहुंच गई थी।

एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन सहित अन्य कई सीनियर छात्र भी वहां पहुंच गए। सीनियर छात्रों को अंदेशा हो गया था कि नमाज ए जनाजा के बाद एएमयू भी जेएनयू की तरह पूरे देश में बदनाम हो जाएगा। उन लोगों ने कश्मीर के छात्रों को समझाने का प्रयास किया कि यहां नमाज ए जनाजा नहीं पढ़ें। कुछ छात्र तो शांत हो गए लेकिन कुछ नमाज ए जनाजा की जिद पर अड़ गए। इसकी वजह से फैजुल हसन की कुछ कश्मीरी छात्रों से कहासुनी भी हो गई।

फैजुल का कहना था कि जनाजे की नमाज पढ़ना है तो मन्नान के घर जाइए। खुदा के लिए यहां पर सियासत कर एएमयू का नाम बदनाम न करें। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि एएमयू के छात्र आतंकवाद का समर्थन नहीं करेंगे। बाद में कश्मीर के छात्रों ने बैठक कर अपने निर्णय से अवगत कराने की बात कही। कुछ देर बाद फिर कुछ छात्र नमाज ए जनाजा की जिद पर अड़ गए।

प्रॉक्टर प्रो. मोहसिन खान वहां मौजूद थे। छात्रों की प्रॉक्टोरियल टीम से नोकझोंक हो गई। लाठी धारी सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को दौड़ा कर भगा दिया। एएमयू जन संपर्क विभाग के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि नमाज ए जनाजा नहीं पढ़ने दिया गया। अनुशासनहीनता के मामले में तीन छात्रों को निलंबित कर दिया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
 
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अफजल की फांसी के बाद एएमयू में पढ़ी गई थी नमाज ए गायबाना

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