CBSE Results 2023: चंडीगढ़ रीजन में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के छात्र-छात्राओं का दबदबा, बेटियों का रहा वर्चस्व
परीक्षा परिणाम के अनुसार 12वीं की परीक्षा में जम्मू कश्मीर में 96.83 प्रतिशत छात्राएं व 93.74 फीसदी छात्र सफल रहे हैं। 5304 छात्रों में 4972 व 4039 छात्राओं में 3911 सफल रहीं।
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं व 12वीं की परीक्षा के घोषित नतीजों में चंडीगढ़ रीजन में एक बार फिर जम्मू-कश्मीर व लद्दाख का दबदबा रहा है। इस रीजन में शामिल पंजाब, चंडीगढ़ व लद्दाख में जम्मू -कश्मीर व लद्दाख का अन्य राज्यों से बेहतर प्रदर्शन रहा है।
12वीं की परीक्षा में जम्मू-कश्मीर का 95.08, लद्दाख का 95.32, पंजाब का 93.06 तथा चंडीगढ़ का 86.10 फीसदी परिणाम रहा। इसके अलावा 10वीं में क्रमश: 98.44. 89.56, 95.71 और 80.87 रहा। दोनों ही परीक्षाओं में जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में बेटियों का वर्चस्व रहा।
परीक्षा परिणाम के अनुसार 12वीं की परीक्षा में जम्मू कश्मीर में 96.83 प्रतिशत छात्राएं व 93.74 फीसदी छात्र सफल रहे हैं। 5304 छात्रों में 4972 व 4039 छात्राओं में 3911 सफल रहीं। लद्दाख में 97.83 फीसदी छात्राएं व 92.16 प्रतिशत छात्रों को सफलता मिली।
यहां 255 छात्रों में 235 तथा 322 छात्राओं में 315 सफल रहे। दसवीं की परीक्षा में जम्मू -कश्मीर के 98.10 प्रतिशत छात्र व 98.89 फीसदी छात्राएं सफल रहीं। 7203 छात्रों में 7066 तथा 5413 छात्राओं में 5353 को सफलता मिली। लद्दाख में 86.76 फीसदी छात्र व 91.89 फीसदी छात्राओं को सफलता मिली। 370 छात्रों में 321 व 444 छात्राओं में 408 सफल हुए।
12वीं व 10वीं में पिछले साल से कमजोर प्रदर्शन
सीबीएसई 10वीं व 12वीं के परिणाम में जम्मू कश्मीर व लद्दाख का प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में कमजोर रहा है। 12वीं के परीक्षा परिणाम में जम्मू कश्मीर का प्रदर्शन पिछले साल से 2.73 फीसदी कम रहा। 2022 में 97.81 प्रतिशत परिणाम रहा था, जबकि इस बार 95.08 फीसदी।
लद्दाख का प्रदर्शन भी इस साल पिछले वर्ष की तुलना में कमजोर रहा। पिछले साल 96.76 फीसदी परिणाम था, जबकि इस बार 95.32 फीसदी यानी 1.44 प्रतिशत कम रहा। इसी प्रकार जम्मू कश्मीर में 10वीं का परिणाम पिछले साल की तुलना में 0.61 प्रतिशत कम रहा।
इस बार 98.44 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए, जबकि पिछली बार 99.05 विद्यार्थियों को सफलता मिली थी। लद्दाख में पिछले साल 91.59 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे, जबकि इस साल 89.56। यानी 2.03 फीसदी कमजोर प्रदर्शन रहा।
राष्ट्रीय स्तर पर पास प्रतिशत गिरा, बेटियों का दबदबा कायम
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। हाईस्कूल में 93.12 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं, जो पिछले साल 94.40 फीसदी की तुलना में 1.28 फीसदी कम है। 12वीं के नतीजे में 5.38 फीसदी की गिरावट आई है। इस वर्ष 87.33 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं। पिछले वर्ष 92.71 फीसदी सफल हुए थे।
हर साल की तरह बेटियों का दबदबा कायम है। दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में उन्होंने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, इस बार किसी को भी 100 फीसदी अंक नहीं मिले हैं।
विद्यार्थियों के बीच नकारात्मक प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए योग्यता सूची घोषित नहीं की गई है। बोर्ड विद्यार्थियों के अंकों के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणियां भी घोषित नहीं करेगा। इसके स्थान पर विद्यार्थियों को योग्यता प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
अगले साल 15 फरवरी से परीक्षा : सीबीएसई ने अगले साल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू कराने की तारीख का भी एलान कर दिया है। 2024 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी।