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Jammu News: तंगमर्ग के सरकारी स्कूल में छात्रों से कराया श्रम, वीडियो वायरल
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बारामुला। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के तंगमर्ग में सरकारी बॉयज हाई स्कूल कठेपोरा के छात्रों को स्कूल परिसर में शारीरिक श्रम करते हुए दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, इस क्लिप में कई छात्रों को स्कूल के गेट के पास जमीन को समतल करते और निर्माण सामग्री उठाते दिखाया गया है।
बुधवार को सामने आए इस वीडियो ने स्थानीय लोगों, शिक्षा कार्यकर्ताओं और अभिभावकों में तत्काल नाराजगी पैदा की। कई लोगों ने सवाल उठाया कि स्कूल के समय में बच्चों से इस तरह के छोटे-मोटे काम क्यों करवाए जा रहे हैं, जबकि उन्हें कक्षाओं में होना चाहिए। स्कूल का उद्देश्य यह नहीं है। बच्चे यहां पढ़ने आते हैं, न कि शारीरिक श्रम करने। अगर कोई रखरखाव कार्य था, तो प्रशासन को मजदूरों को नियुक्त करना चाहिए था।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि छात्रों से स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ईंटें उठाने और मिट्टी समतल करने का काम करवाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब छात्रों से इस तरह के काम करवाए गए हैं। उनका आरोप है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं, लेकिन वे दर्ज नहीं हुईं।
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इस मामले में जोनल शिक्षा अधिकारी तंगमर्ग ने कहा कि छात्रों को मजबूर नहीं किया गया था। वे स्वेच्छा से सफाई कार्य में मदद कर रहे थे। उनका शोषण करने या उन पर बोझ डालने का कोई इरादा नहीं था। हालांकि लोगों ने लोगों ने स्कूल प्रमुख और शामिल कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। संवाद
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बुधवार को सामने आए इस वीडियो ने स्थानीय लोगों, शिक्षा कार्यकर्ताओं और अभिभावकों में तत्काल नाराजगी पैदा की। कई लोगों ने सवाल उठाया कि स्कूल के समय में बच्चों से इस तरह के छोटे-मोटे काम क्यों करवाए जा रहे हैं, जबकि उन्हें कक्षाओं में होना चाहिए। स्कूल का उद्देश्य यह नहीं है। बच्चे यहां पढ़ने आते हैं, न कि शारीरिक श्रम करने। अगर कोई रखरखाव कार्य था, तो प्रशासन को मजदूरों को नियुक्त करना चाहिए था।
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प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि छात्रों से स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ईंटें उठाने और मिट्टी समतल करने का काम करवाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब छात्रों से इस तरह के काम करवाए गए हैं। उनका आरोप है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं, लेकिन वे दर्ज नहीं हुईं।
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इस मामले में जोनल शिक्षा अधिकारी तंगमर्ग ने कहा कि छात्रों को मजबूर नहीं किया गया था। वे स्वेच्छा से सफाई कार्य में मदद कर रहे थे। उनका शोषण करने या उन पर बोझ डालने का कोई इरादा नहीं था। हालांकि लोगों ने लोगों ने स्कूल प्रमुख और शामिल कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। संवाद