#StudentUnrest कश्मीर में स्कूलों में कम उपस्थिति होने पर परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे छात्र
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कश्मीर में करीब एक महीने से चल रही स्टू़डेंट अनरेस्ट की स्थिति से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर सरकार अब एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इस क्रम में छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है।
अग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के मुताबिक कश्मीर घाटी में आने वाले दिनों में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में उन छात्रों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिनकी अटेंडेंस 90 फीसदी से कम है।
इस बारे में बात करते हुए कश्मीर के स्कूल एजुकेशन विभाग के निदेशक गुलाम नबी इट्टू ने बताया कि परीक्षाओं में शामिल होने के लिए स्कूलों में 90 फीसदी उपस्थिति होना अनिवार्य है और बुधवार को हुई एक अहम बैठक में ये निर्णय लिया गया है कि इस अहर्ता को पूरा न करने वाले किसी भी छात्र को परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाए।
'परीक्षार्थियों के किसी भी तरह की छूट की अनुमति नहीं'
वहीं इस पूरे मसले पर इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री सैय्यद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र को इस बारे में कोई भी छूट न दी जाए।
बुखारी ने कहा कि जल्द ही कश्मीर घाटी के स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, ऐसे में अगर किसी भी छात्र की उपस्थिति कम रही तो उसे परीक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बुखारी ने कहा कि हम स्कूलों में एकेडेमिक शिड्यूल का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इस क्रम में स्कूली सत्र को समय पर पूरा किया जाएगा और सारी परीक्षाओं को समय से कराया जाएगा।