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Jammu News: तेज हवा और बारिश से खेतों में बिछी धान की फसल
Thu, 02 Oct 2025 01:55 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 02 Oct 2025 01:55 AM IST
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अरनिया। सीमावर्ती क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज हवा और बारिश से धान की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इसके चलते किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। खेतों में धान की फसल बिछने के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश और आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान धान की बासमती फसल को हुआ है। मौजूदा समय में बासमती की फसल टिलरिंग स्टेज में पहुंच गई है। बालियां निकलने के साथ दाने बनना शुरू हो गए हैं लेकिन मौसम की मार ने फसल को बर्बाद कर दिया है। फसल गिरने से पैदावार का प्रभावित होना तय है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि लगभग 50% फसल की पैदावार पर असर पड़ेगा। बताया कि मौसम की मार से हर बार किसान कर्जदार हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल रूप से फसल के नुकसान का आकलन कर मुआवजा तय करना चाहिए ताकि किसान की फसल के नुकसान की भरपाई हो सके। इस मौके पर किसान प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, लवली सिंह, राम लाल, अर्जुन कुमार आदि मौजूद रहे।
उप मंडल कृषि अधिकारी आरएस पुरा अरुण जाराल ने कहा की क्षतिग्रस्त फसल के नुकसान के आकलन के लिए फील्ड अफसरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। छुट्टी के बावजूद भी उन्हें देखने के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल के बीमा धारक किसान 14447 नंबर पर क्षतिग्रस्त फसल की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
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बारिश और आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान धान की बासमती फसल को हुआ है। मौजूदा समय में बासमती की फसल टिलरिंग स्टेज में पहुंच गई है। बालियां निकलने के साथ दाने बनना शुरू हो गए हैं लेकिन मौसम की मार ने फसल को बर्बाद कर दिया है। फसल गिरने से पैदावार का प्रभावित होना तय है। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि लगभग 50% फसल की पैदावार पर असर पड़ेगा। बताया कि मौसम की मार से हर बार किसान कर्जदार हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल रूप से फसल के नुकसान का आकलन कर मुआवजा तय करना चाहिए ताकि किसान की फसल के नुकसान की भरपाई हो सके। इस मौके पर किसान प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, लवली सिंह, राम लाल, अर्जुन कुमार आदि मौजूद रहे।
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उप मंडल कृषि अधिकारी आरएस पुरा अरुण जाराल ने कहा की क्षतिग्रस्त फसल के नुकसान के आकलन के लिए फील्ड अफसरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। छुट्टी के बावजूद भी उन्हें देखने के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल के बीमा धारक किसान 14447 नंबर पर क्षतिग्रस्त फसल की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
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