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घाटी मे दमदार उपस्थिति भगवा ब्रिगेड की रणनीति
बृजेश कुमार सिंह/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 09 Oct 2015 05:23 PM IST
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घाटी में पिछले दो दिनों के घटनाक्रम के पीछे भगवा ब्रिगेड का जोरदार विरोध सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। दरअसल पीडीपी से गठजोड़ के बाद लगातार विपक्ष के हमले झेल रही भाजपा ने बीफ के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता न करने का फैसला किया था।
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इसके साथ ही संघ परिवार ने भी भाजपा के लचर रवैये पर नाखुशी जताते हुए साफ संदेश दिया था कि कुर्सी की खातिर किसी भी हालत में विचारधारा से समझौता न किया जाए। यही वजह है कि पार्टी ने घाटी में आक्रामक रुख अख्तियार करने की रणनीति बनाई।
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माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं पर सर्विस टैक्स के मुद्दे पर अपनी ही सरकार में बात न सुने जाने से बौखलाई भाजपा ने जम्मू में विधायकों की बैठक कर विधानसभा सत्र में बीफ के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता न करने का फैसला किया।
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रियासत में पहली बार सरकार में आई भाजपा ने श्रीनगर के अपने पहले ही विधानसभा सत्र में दमदार उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति के तहत पहले ही दिन से काम करना शुरू कर दिया था। सदन में विपक्ष के हमले का जवाब देने का मोर्चा खुद डिप्टी सीएम ने संभाल रखा था।
वीरवार को भी उन्होंने सदन में बड़े ही आक्रामक तरीके से मुख्यमंत्री तथा पीडीपी सदस्यों की मौजूदगी में विपक्ष पर हमला बोला। भाजपा ने ऐसा कर एक तीर से कई निशाने साधे। पहला सहयोगी पार्टनर को स्पष्ट संदेश देना कि वह विचारधारा से समझौता नहीं करेगी।
दूसरा विपक्ष को भी बताना कि घाटी में भी वह दमदार तरीके से अपनी मौजूदगी दिखाने में सक्षम हैं। डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह कहते हैं कि भाजपा की मंशा रियासत में स्वच्छ तथा पारदर्शी प्रशासन के साथ ही विकास की राजनीति करना है, लेकिन इसके लिए उसके जज्बातों से खिलवाड़ की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।
बुधवार को एमएलए हॉस्टल में इंजीनियर रशीद के बीफ पार्टी का जिस तरीके से भाजपा विधायकों ने विरोध किया था, उससे स्पष्ट हो गया था कि वीरवार को सदन में हंगामा होना तय है। इसके साथ ही जब कभी भी बीफ की बात सदन में उठती थी, तो उसका भाजपा सदस्यों की ओर से जोरदार विरोध किया जाता था।