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रियासत में चोटी कटने की घटनाओं पर मचा बवाल, सुरक्षा बलों पर किया पथराव
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:25 AM IST
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- फोटो : BASIT ZARGAR
घाटी में चोटी कटने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। इसके विरोध में सोमवार को मायसूमा में बवाल मच गया। कई जगह सुरक्षा बलों के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुईं। पत्थरबाजी की गई। सुरक्षा बलों ने भी आंसू गैस के गोले दाग कर प्रदर्शनकारियों पर काबू करने की कोशिश की। क्षेत्रीय दुकानदारों ने धड़ाधड़ दुकानों के शटर गिरा दिए। इलाके में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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पुलिस के अनुसार चोटी कटने के 103 मामले सामने आए हैं। इनमें से 63 ऐसे मामले हैं, जिनमें पीड़ित मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे हैं।आईजी मुनीर अहमद खान ने कहा है कि चोटी कटने की घटनाओं में पीड़ित महिलाओं के सैंपल जाएंगे, जिनका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। इन पीड़ितों के सैंपल (स्प्रे और पसीने के) लेकर वैज्ञानिक परीक्षण से गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
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उनके अनुसार अभी तक चोटी कटने की कई घटनाएं घाटी में हो चुकी हैं, लेकिन किसी भी पीड़ित या उनके परिवार वालों से कोई सहयोग नहीं मिला। पुलिस द्वारा पहले से ही इन मामलों में एसआईटी का गठन किया गया है। सभी अधिकारियों को अपने जिलों से सैंपल इकट्ठे करने के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि पुलिस द्वारा हर जिले में एसआईटी के गठन के साथ-साथ जानकारी देने वालों के लिए 6 लाख का इनाम देने की भी घोषणा की गई है। उन्होंने पीड़ितों से इसमें सहयोग देने की अपील की है।
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