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Jammu Kashmir : कश्मीर मैराथन के लिए मंच तैयार, पर्यटन और स्थानीय आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
Thu, 25 Jul 2024 12:06 PM IST
गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: गुलशन कुमार
Updated Thu, 25 Jul 2024 12:06 PM IST
सार
20 अक्तूबर से शुरू होने वाले इस आयोजन की मेजबानी के बाद श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का शहर बन जाएगा। श्रीनगर में जी-20 पर्यटन शिखर सम्मेलन, गोल्फ टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैसे कार्यक्रम हुए। शहर को विश्व शिल्प शहर का नाम दिया गया है।
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कश्मीर मैराथन
- फोटो : डीपीआईआर
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विस्तार
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि कश्मीर इस साल अक्तूबर में मैराथन के एक भव्य आयोजन की मेजबानी करेगा। इसके वैश्विक प्रतिभागी और मीडिया घाटी की सुंदरता व पर्यटन क्षमता के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे। शेर-ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मैराथन के लोगो और वेबसाइट का उद्घाटन करने के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए एलजी ने कहा कि मैराथन घाटी की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देगी।
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उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक ऐसा आयोजन नहीं होगा, जहां विदेशी और घरेलू धावक अपने सपनों का चयन करेंगे, बल्कि यह युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर खोलेगा। कश्मीर मैराथन के लिए घाटी में जो मौसम और माहौल है, उससे बेहतर कोई नहीं हो सकता। सिर्फ दो महीनों में आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
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20 अक्तूबर से शुरू होने वाले इस आयोजन की मेजबानी के बाद श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का शहर बन जाएगा। श्रीनगर में जी-20 पर्यटन शिखर सम्मेलन, गोल्फ टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैसे कार्यक्रम हुए। शहर को विश्व शिल्प शहर का नाम दिया गया है।
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एलजी ने कहा कि एक समय था जब जम्मू-कश्मीर के युवाओं को अपने सपने पूरे नहीं करने दिए जाते थे। आज प्रदेश के युवा विकसित भारत में सक्रिय रूप से भाग लेकर योगदान दे रहे हैं। चार साल पहले कुछ सौ युवाओं की तुलना में अब हम 50 लाख युवाओं को खेलों में भाग लेते देखते हैं। उन्होंने कहा कि हम जम्मू में भी इसी तरह के आयोजन की योजना बना रहे हैं।
मैराथन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना
मनोज सिन्हा ने कहा कि दुनिया की नजरें जम्मू-कश्मीर पर होंगी, क्योंकि हम इस मैराथन कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं और विशेष रूप से व्यापार व पर्यटन से जुड़े लोगों को भारत और विदेश के प्रतिभागियों के लिए हमारी अनूठी संस्कृति, गर्मजोशी से आतिथ्य पेश करने का अवसर मिलेगा। कश्मीर मैराथन का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य और कल्याण को प्रोत्साहित करना है।
कश्मीर मैराथन दो श्रेणियों में होगी। 42 किलोमीटर की फुल मैराथन और 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन। कश्मीर मैराथन के लिए प्रस्तावित मार्ग धावकों को कुछ सबसे सुरम्य परिदृश्यों से होकर ले जाएगा, जिनमें चिनार के पेड़, मुगल उद्यान और डल झील शामिल है। देश-विदेश से धावकों के दो दौड़ में भाग लेने की उम्मीद है।