फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   ST Commission included Pahari community in list clearing the way for getting status

Reservation: पहाड़ी समुदाय को ST आयोग ने सूची में किया शामिल, दर्जा मिलने का रास्ता साफ

Fri, 04 Nov 2022 11:10 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 04 Nov 2022 11:10 AM IST
सार

रिटायर जज जस्टिस जीडी शर्मा की अध्यक्षता वाले आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े समुदायों को एसटी सूची में शामिल करने की सिफारिश की है।

विज्ञापन
ST Commission included Pahari community in list clearing the way for getting status
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने पहाड़ी समुदाय को अपनी सूची में शामिल कर लिया है। गृह मंत्रालय इस बाबत कैबिनेट की मंजूरी और अधिसूचना जारी करने की अंतिम तैयारी में है। इस प्रक्रिया के बाद संबंधित बिल को संसद से पास कराना होगा। उम्मीद है कि शीतकालीन सत्र में यह बिल संसद में पास कराया जा सकता है। आयोग की सूची में शामिल किए जाने से पहाड़ी समुदाय में खुशी का माहौल है।

विज्ञापन


अब तक जम्मू-कश्मीर में 12 समुदायों को एसटी की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है। पहली बार प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के लिए राजोरी, पुंछ, बारामुला, कुपवाड़ा व अनंतनाग में नौ सीटें आरक्षित की गई हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले से इन पांच जिलों के 10 लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुंचेगा। राजनीतिक रूप से सशक्त होने के साथ ही उन्हें अनुसूचित जनजाति की हर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नौकरी से लेकर शिक्षा तक में आरक्षण मिलेगा। 
विज्ञापन


अनुसूचित जनजाति के दर्जे के लिए पहाड़ी समुदाय पिछले तीन दशक से आंदोलनरत है। गृह मंत्री अमित शाह ने 4 अक्तूबर को राजोरी की रैली में कहा था कि केंद्र जस्टिस जीडी शर्मा आयोग की रिपोर्ट लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। इस एलान के बाद अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग (एनसीएसटी) ने पहाड़ी समुदाय को अपनी सूची में शामिल करने की हरी झंडी दे दी है। डीओपीटी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने वीरवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और गृहमंत्री अमित शाह व पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पद्दारी, कोली और गद्दा ब्राह्मण की भी सिफारिश
रिटायर जज जस्टिस जीडी शर्मा की अध्यक्षता वाले आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े समुदायों को एसटी सूची में शामिल करने की सिफारिश की है। आयोग ने जम्मू-कश्मीर के पद्दारी, कोली और गद्दा ब्राह्मण समुदायों को भी सूची में शामिल करने की अनुशंसा की है। इन्हें रजिस्ट्रार जनरल ऑफ  इंडिया ने भी हरी झंडी दे दी है।


गुज्जर-बक्करवाल नाखुश
एसटी श्रेणी में शामिल गुज्जर और बक्करवाल पहाड़ी समुदाय को यह दर्जा दिए जाने से नाखुश हैं। हालांकि केंद्र ने उन्हें आश्वस्त किया है कि पहाड़ी समुदाय को एसटी के दर्जे से उनके अधिकार का किसी भी तरह से हनन नहीं होगा। अमित शाह ने रैली में कहा था कि पहाड़ी समुदाय को हक तो मिलेगा लेकिन इससे गुज्जर-बक्करवाल भाइयों का हक नहीं छिनेगा। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed