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बेरोजगारी बड़ी चुनौती, जम्मू-कश्मीर को विशेष पैकेज की जरूरत: मंत्री सतीश शर्मा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने शनिवार को बेरोजगारी को जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक विशेष पैकेज की आवश्यकता पर जोर दिया।
बारामुला में पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए एक बड़े पैकेज की आवश्यकता है और हम इसका समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने रहबर-ए-खेल शिक्षकों की मांगों पर भी बात की और पुष्टि की कि उनका मामला केंद्र के समक्ष औपचारिक रूप से उठाया गया है। शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की दुर्दशा पर शर्मा ने आश्वासन दिया कि सरकार लंबे समय से लंबित सेवा मामलों को सुलझाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ''विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है और उनके योगदान को मान्यता दी जाएगी। हमें विश्वास है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो जाएगी।'' हाल ही में रसोई गैस की कमी पर शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौसम संबंधी क्षति के बाद आपूर्ति बाधित हुई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के लिए गैस सिलेंडरों को डंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि जागरूकता बेहद जरूरी है। जीवन अनमोल है। पिछले साल भारत में 1.7 लाख लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई। भारत सरकार पहले ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए 25,000 रुपये देने की घोषणा कर चुकी है और हम इस प्रावधान को लागू करेंगे।''''
गौरतलब है कि खेल विकास में सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि जमीनी स्तर की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता युवा प्रतिभाओं को निखारना और खेलों के माध्यम से स्वस्थ समुदायों का निर्माण करना है।
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बारामुला। कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने शनिवार को बेरोजगारी को जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक विशेष पैकेज की आवश्यकता पर जोर दिया।
बारामुला में पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए एक बड़े पैकेज की आवश्यकता है और हम इसका समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने रहबर-ए-खेल शिक्षकों की मांगों पर भी बात की और पुष्टि की कि उनका मामला केंद्र के समक्ष औपचारिक रूप से उठाया गया है। शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की दुर्दशा पर शर्मा ने आश्वासन दिया कि सरकार लंबे समय से लंबित सेवा मामलों को सुलझाने के लिए काम कर रही है।
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उन्होंने कहा, ''विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है और उनके योगदान को मान्यता दी जाएगी। हमें विश्वास है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी हो जाएगी।'' हाल ही में रसोई गैस की कमी पर शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौसम संबंधी क्षति के बाद आपूर्ति बाधित हुई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के लिए गैस सिलेंडरों को डंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि जागरूकता बेहद जरूरी है। जीवन अनमोल है। पिछले साल भारत में 1.7 लाख लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई। भारत सरकार पहले ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए 25,000 रुपये देने की घोषणा कर चुकी है और हम इस प्रावधान को लागू करेंगे।''''
गौरतलब है कि खेल विकास में सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि जमीनी स्तर की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता युवा प्रतिभाओं को निखारना और खेलों के माध्यम से स्वस्थ समुदायों का निर्माण करना है।