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Jammu News: कश्मीर में भारी बारिश<bha>;</bha> नदियां-नाले उफान पर
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लाल चौक पर बारिश के दौरान यात्री, जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर
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प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी, पहलगाम की बेताब घाटी स्थित शेषनाग नाले का जलस्तर 6.02 फीट
श्रीनगर। कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। इससे नदियां और नाले उफान पर आ गए। अधिकारियों ने लोगों से पहाड़ी ढलानों और जल निकायों के पास न जाने की अपील की है।
अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम की बेताब घाटी स्थित शेषनाग नाले का जलस्तर 5.68 फीट के सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर गया और वर्तमान में 6.02 फीट पर बह रहा है। इस नाले के लिए बाढ़ चेतावनी स्तर 4.59 फीट है जबकि खतरे का निशान 5.09 फीट है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से संकेत मिलता है कि ऊपरी इलाकों में बादल फटने या बहुत भारी बारिश हुई होगी।
बारिश ने पूरे कश्मीर घाटी में दिन के तापमान को कई डिग्री तक नीचे ला दिया है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश के कारण मंगलवार शाम तक झेलम नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके बाद नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
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मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा कि मंगलवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कश्मीर के दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। 27 से 29 अगस्त तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है जबकि 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कश्मीर के कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
प्रशासन की सलाह
खराब मौसम और 26 अगस्त से 1 सितंबर तक कश्मीर डिवीजन के कुछ हिस्सों में तीव्र बारिश, बादल फटने या अचानक बाढ़ की संभावना को देखते हुए, अधिकारियों ने लोगों के लिए एक सलाह जारी की है। इसमें कहा गया है कि जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक बाढ़-संभावित, भूस्खलन-संभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ढलानों और जल निकायों के पास जाने से बचना चाहिए।
सलाह में यह कहा गया है कि पर्यटकों, शिकारा संचालकों, रेत खनन करने वालों और झेलम, अन्य नदियों, झीलों और जल निकायों के पास काम करने वालों को इन जल निकायों और उनकी सहायक नदियों की मौजूदा स्थिति की पुष्टि किए बिना उन्हें पार करने या संचालित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
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श्रीनगर। कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हुई। इससे नदियां और नाले उफान पर आ गए। अधिकारियों ने लोगों से पहाड़ी ढलानों और जल निकायों के पास न जाने की अपील की है।
अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम की बेताब घाटी स्थित शेषनाग नाले का जलस्तर 5.68 फीट के सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर गया और वर्तमान में 6.02 फीट पर बह रहा है। इस नाले के लिए बाढ़ चेतावनी स्तर 4.59 फीट है जबकि खतरे का निशान 5.09 फीट है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से संकेत मिलता है कि ऊपरी इलाकों में बादल फटने या बहुत भारी बारिश हुई होगी।
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बारिश ने पूरे कश्मीर घाटी में दिन के तापमान को कई डिग्री तक नीचे ला दिया है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश के कारण मंगलवार शाम तक झेलम नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके बाद नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो जाएगा। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
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मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा कि मंगलवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कश्मीर के दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। 27 से 29 अगस्त तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है जबकि 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कश्मीर के कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
प्रशासन की सलाह
खराब मौसम और 26 अगस्त से 1 सितंबर तक कश्मीर डिवीजन के कुछ हिस्सों में तीव्र बारिश, बादल फटने या अचानक बाढ़ की संभावना को देखते हुए, अधिकारियों ने लोगों के लिए एक सलाह जारी की है। इसमें कहा गया है कि जब तक मौसम में सुधार नहीं होता, तब तक बाढ़-संभावित, भूस्खलन-संभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ढलानों और जल निकायों के पास जाने से बचना चाहिए।
सलाह में यह कहा गया है कि पर्यटकों, शिकारा संचालकों, रेत खनन करने वालों और झेलम, अन्य नदियों, झीलों और जल निकायों के पास काम करने वालों को इन जल निकायों और उनकी सहायक नदियों की मौजूदा स्थिति की पुष्टि किए बिना उन्हें पार करने या संचालित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।