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उद्यमियों को समय पर मिले ऋण, सुनिश्चित करें : डुल्लू
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- मुख्य सचिव ने मिशन युवा के कार्यान्वयन की समीक्षा की
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने वीरवार को मिशन युवा की प्रगति और कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में अब तक की उपलब्धियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ भविष्य की कार्ययोजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को समय पर ऋण मिले इसे सुनिश्चित करें।
बैठक में उच्च शिक्षा, योजना और कृषि उत्पादन विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव, रोजगार और ग्रामीण विकास विभागों के सचिव, रोजगार निदेशक, हस्तशिल्प निदेशक (कश्मीर) के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। विश्वविद्यालयों के कुलपति, जम्मू-कश्मीर बैंक के प्रबंध निदेशक और उपायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
मिशन युवा के तहत प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने रोजगार विभाग और जम्मू-कश्मीर बैंक को चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को शुरू करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाने चाहिए जिससे इच्छुक उद्यमी व्यवहार्य व्यावसायिक उद्यम स्थापित कर सकें।
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उन्होंने लाभार्थियों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि वे अपने उद्यमों को सफल उद्यमों में बदल सकें और जेकेआरएलएम, पीएमईजीपी, एचएडीपी, जेकेसीआईपी और पीएमएफएमई के अंतर्गत लखपति दीदी जैसी सभी रोजगार सृजन पहलों को मिशन युवा के साथ एकीकृत करने का आह्वान किया ताकि उनका सामूहिक प्रभाव अधिकतम हो सके।
जमीनी स्तर की सहायता प्रणालियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डुल्लू ने निर्देश दिया कि मिशन के अंतर्गत एकल ब्लॉक विकास इकाइयों, ब्लॉक हैंडहोल्डिंग डेस्क और युवा दूतों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए इष्टतम उपयोग किया जाए।
उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि वे अनुमोदन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और ऋणों की समय पर स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर बीएचडी में अपने प्रतिनिधि नियुक्त करें। उपायुक्तों को लाभार्थियों द्वारा उद्यमों की स्थापना की बारीकी से निगरानी करने और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी से लेकर बैंक स्वीकृति और ऋण वितरण तक की प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए कहा गया। मुख्य सचिव ने जिलों से मिशन युवा के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति की भर्ती पूरी करने का भी आग्रह किया।
प्रशासनिक सचिवों और कुलपतियों ने बैठक के दौरान अपने विचार और सुझाव साझा किए। अन्य क्षेत्रों की सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रकाश डाला और क्षमता वृद्धि तथा मिशन के समयबद्ध कार्यान्वयन के उपायों की सिफारिश की। आयुक्त सचिव, रोजगार, कुमार राजीव रंजन ने मिशन युवा की उपलब्धियों और उद्देश्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक पंचायत में सफल उद्यमी तैयार करना और दूसरों को प्रेरित करने के लिए स्थानीय रोल मॉडल तैयार करना है।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उद्यम जागृति अभियान का चौथा चरण वर्तमान में चल रहा है जो डिग्री कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्रों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं और स्वीकृत ऋण वाले लाभार्थियों पर केंद्रित है। अब तक इस चरण के तहत लगभग 50,000 में से 16,000 कॉलेज छात्रों और सात लाख में से 45,000 महिला एसएचजी सदस्यों तक पहुंचा जा चुका है। विभाग विधायकों के लिए क्षमता निर्माण सत्रों पर भी विचार कर रहा है ताकि उन्हें निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर बेहतर आउटरीच के लिए रोजगार और आजीविका योजनाओं से परिचित कराया जा सके।
पोर्टल पर 1,23,350 पंजीकरण किए गए
बैठक में बताया गया कि मिशन युवा पोर्टल पर 1,23,350 पंजीकरण किए गए हैं जिनमें 53,138 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 50,544 नैनो-उद्यमों से संबंधित हैं इनमें से 27,369 आवेदनों को डीएलआईसी की ओर से अनुमोदित किया गया है। 7,462 बैंक स्वीकृतियां जारी की गई हैं और 4,673 संवितरण पूरे हो चुके हैं जिसमें 281 मामलों में सब्सिडी दी गई है। औसत परियोजना लागत लगभग 6.44 लाख रुपये है और अब तक 262 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल से अवगत कराया
मुख्य सचिव को मिशन के तहत पंजीकृत उद्यमों के लिए बाजार संपर्कों की सुविधा के लिए विकसित क्रेता-विक्रेता एप और केंद्र शासित प्रदेश में ऊष्मायन और नवाचार-संचालित उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल के बारे में भी अवगत कराया गया। युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डुल्लू ने जोर देकर कहा कि मिशन युवा युवाओं को सशक्त बनाने, आत्मनिर्भरता को सक्षम बनाने और पूरे जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम का प्रतिनिधित्व करता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने वीरवार को मिशन युवा की प्रगति और कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। बैठक में अब तक की उपलब्धियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ भविष्य की कार्ययोजना तैयार की गई। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को समय पर ऋण मिले इसे सुनिश्चित करें।
बैठक में उच्च शिक्षा, योजना और कृषि उत्पादन विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव, रोजगार और ग्रामीण विकास विभागों के सचिव, रोजगार निदेशक, हस्तशिल्प निदेशक (कश्मीर) के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। विश्वविद्यालयों के कुलपति, जम्मू-कश्मीर बैंक के प्रबंध निदेशक और उपायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
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मिशन युवा के तहत प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने रोजगार विभाग और जम्मू-कश्मीर बैंक को चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को शुरू करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाने चाहिए जिससे इच्छुक उद्यमी व्यवहार्य व्यावसायिक उद्यम स्थापित कर सकें।
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उन्होंने लाभार्थियों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि वे अपने उद्यमों को सफल उद्यमों में बदल सकें और जेकेआरएलएम, पीएमईजीपी, एचएडीपी, जेकेसीआईपी और पीएमएफएमई के अंतर्गत लखपति दीदी जैसी सभी रोजगार सृजन पहलों को मिशन युवा के साथ एकीकृत करने का आह्वान किया ताकि उनका सामूहिक प्रभाव अधिकतम हो सके।
जमीनी स्तर की सहायता प्रणालियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डुल्लू ने निर्देश दिया कि मिशन के अंतर्गत एकल ब्लॉक विकास इकाइयों, ब्लॉक हैंडहोल्डिंग डेस्क और युवा दूतों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए इष्टतम उपयोग किया जाए।
उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि वे अनुमोदन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और ऋणों की समय पर स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर बीएचडी में अपने प्रतिनिधि नियुक्त करें। उपायुक्तों को लाभार्थियों द्वारा उद्यमों की स्थापना की बारीकी से निगरानी करने और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी से लेकर बैंक स्वीकृति और ऋण वितरण तक की प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए कहा गया। मुख्य सचिव ने जिलों से मिशन युवा के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति की भर्ती पूरी करने का भी आग्रह किया।
प्रशासनिक सचिवों और कुलपतियों ने बैठक के दौरान अपने विचार और सुझाव साझा किए। अन्य क्षेत्रों की सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रकाश डाला और क्षमता वृद्धि तथा मिशन के समयबद्ध कार्यान्वयन के उपायों की सिफारिश की। आयुक्त सचिव, रोजगार, कुमार राजीव रंजन ने मिशन युवा की उपलब्धियों और उद्देश्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य प्रत्येक पंचायत में सफल उद्यमी तैयार करना और दूसरों को प्रेरित करने के लिए स्थानीय रोल मॉडल तैयार करना है।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उद्यम जागृति अभियान का चौथा चरण वर्तमान में चल रहा है जो डिग्री कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्रों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं और स्वीकृत ऋण वाले लाभार्थियों पर केंद्रित है। अब तक इस चरण के तहत लगभग 50,000 में से 16,000 कॉलेज छात्रों और सात लाख में से 45,000 महिला एसएचजी सदस्यों तक पहुंचा जा चुका है। विभाग विधायकों के लिए क्षमता निर्माण सत्रों पर भी विचार कर रहा है ताकि उन्हें निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर बेहतर आउटरीच के लिए रोजगार और आजीविका योजनाओं से परिचित कराया जा सके।
पोर्टल पर 1,23,350 पंजीकरण किए गए
बैठक में बताया गया कि मिशन युवा पोर्टल पर 1,23,350 पंजीकरण किए गए हैं जिनमें 53,138 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 50,544 नैनो-उद्यमों से संबंधित हैं इनमें से 27,369 आवेदनों को डीएलआईसी की ओर से अनुमोदित किया गया है। 7,462 बैंक स्वीकृतियां जारी की गई हैं और 4,673 संवितरण पूरे हो चुके हैं जिसमें 281 मामलों में सब्सिडी दी गई है। औसत परियोजना लागत लगभग 6.44 लाख रुपये है और अब तक 262 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल से अवगत कराया
मुख्य सचिव को मिशन के तहत पंजीकृत उद्यमों के लिए बाजार संपर्कों की सुविधा के लिए विकसित क्रेता-विक्रेता एप और केंद्र शासित प्रदेश में ऊष्मायन और नवाचार-संचालित उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल के बारे में भी अवगत कराया गया। युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डुल्लू ने जोर देकर कहा कि मिशन युवा युवाओं को सशक्त बनाने, आत्मनिर्भरता को सक्षम बनाने और पूरे जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम का प्रतिनिधित्व करता है।