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Jammu News: संपत्ति विवाद पर दर्ज प्राथमिकी को उच्च न्यायालय ने किया खारिज
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श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने श्रीनगर में एक परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि यह आपराधिक मामला एक नागरिक संपत्ति विवाद को आपराधिक रंग देने का स्पष्ट प्रयास था और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग था।
न्यायमूर्ति संजय धर ने मुश्ताक अहमद शाह, उनकी पत्नी शाहीना और बेटे तौसीक मुश्ताक शाह द्वारा दायर एक याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। मुश्ताक ने श्रीनगर के एमआर गंज पुलिस स्टेशन में दर्ज शीलभंग की एफआईआर को चुनौती दी थी।
अदालत ने फैसला सुनाया कि आपराधिक अतिक्रमण का आरोप कायम नहीं रह सकता क्योंकि याचिकाकर्ता संपत्ति के सह-मालिक थे। फैसले में कहा गया, जब तक यह साबित न हो जाए कि संपत्ति शिकायतकर्ता के एकमात्र कब्जे में थी, सह-स्वामियों द्वारा उसमें प्रवेश को अतिक्रमण नहीं माना जा सकता। ब्यूरो
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न्यायमूर्ति संजय धर ने मुश्ताक अहमद शाह, उनकी पत्नी शाहीना और बेटे तौसीक मुश्ताक शाह द्वारा दायर एक याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। मुश्ताक ने श्रीनगर के एमआर गंज पुलिस स्टेशन में दर्ज शीलभंग की एफआईआर को चुनौती दी थी।
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अदालत ने फैसला सुनाया कि आपराधिक अतिक्रमण का आरोप कायम नहीं रह सकता क्योंकि याचिकाकर्ता संपत्ति के सह-मालिक थे। फैसले में कहा गया, जब तक यह साबित न हो जाए कि संपत्ति शिकायतकर्ता के एकमात्र कब्जे में थी, सह-स्वामियों द्वारा उसमें प्रवेश को अतिक्रमण नहीं माना जा सकता। ब्यूरो
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