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श्रीनगर आतंकी हमला: पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, हमले में दो नागरिकों की हुई थी मौत
Wed, 09 Mar 2022 12:49 AM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 09 Mar 2022 12:49 AM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने स्थानीय लोगों से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आतंकी नेटवर्क के खिलाफ खड़े होने की अपील की।
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श्रीनगर में ग्रेनेड हमला
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
कश्मीर में सुरक्षाबलों पर बड़े हमले करने में नाकाम आतंकी अब घाटी में आबादी वाले स्थानों पर ग्रेनेड हमले करने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे की यह टिप्पणी यहां हरि सिंह हाई स्ट्रीट बाजार में रविवार को हुए ग्रेनेड हमले के मद्देनजर आई है। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 अन्य लोग घायल हैं।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने स्थानीय लोगों से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आतंकी नेटवर्क के खिलाफ खड़े होने की अपील की। लेफ्टिनेंट जनरल ने बाजार में हुए हमले के बारे में पूछे जाने पर कहा-यह एक बहुत ही कायराना हरकत है। जब महिलाएं और पुरुष अपने रोजाना के काम पर जा रहे थे और आतंकियों ने एक ग्रेनेड फेंक दिया। हमले में दो लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गये। यह निंदनीय है।
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ऐसा लग रहा है कि आतंकी सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने में सक्षम नहीं हैं। दुष्प्रचार करने वाले लोग और संगठन जो कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, वे इन युवाओं को आबादी वाले इलाकों में ग्रेनेड फेंकने के लिए हाइब्रिड आतंकी के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा- जब समाज इस तरह के संगठन के खिलाफ खड़ा हो जाएगा, तभी जा कर ऐसे ग्रेनेड हमलों को रोकना संभव हो पाएगा।
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संघर्ष विराम से सीमावर्ती इलाकों की स्थिति बदली
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के एक साल पूरे होने और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति के बारे में, लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने कहा कि वहां स्थिति पूरी तरह से ठीक है। उड़ी, केरन और तंगधार जैसे सीमावर्ती इलाकों के लिए यह एक अच्छी चीज है। लोग अपनी दिनचर्या का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुश्मन जानबूझकर इस तरफ की इमारतों, घरों, स्कूलों और लोगों के खेतों को निशाना बनाता था। यह एक साल इन इलाकों में रहने वालों के लिए काफी अच्छा रहा। बच्चे स्कूल जाने में सक्षम हुए, लोग अपने-अपने व्यवसाय, अपने खेतों में जाने में सक्षम हुए हैं और प्रगति हुई है।
घाटी में महिलाओं की स्थिति बदली
15वीं कोर के कमांडर ने कहा कि कश्मीर घाटी में महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आया है। जिन महिलाओं को पहले दबाकर रखा जाता था वे अब अपने बच्चों को गलत रास्ते पर चलने से रोकने में मदद करते हुए सबसे आगे आने लगी हैं।