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Jammu News: जीएमसी अनंतनाग को 50 और एमबीबीएस और 18 स्नातकोत्तर एमडी-एमएस सीटों की मंजूरी
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- यह सफलता टीम वर्क, दृढ़ता और सामूहिक समर्पण का परिणाम है: डॉ रुखसाना
मिलीप्रधानाचार्य ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सचिव का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) अनंतनाग ने दो उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों की मंजूरी दे दी है। इससे कुल प्रवेश 150 हो गया है और 18 स्नातकोत्तर एमडी/एमएस सीटों की मंजूरी भी मिल गई है।
ये दोनों मंजूरियां संस्थान के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण हैं और इनसे क्षेत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षण के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। जीएमसी अनंतनाग की प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. रुखसाना नजीब ने इन स्वीकृतियों को प्राप्त करने में उनके अटूट मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
प्रोफेसर नजीब ने कहा कि यह पूरे जीएमसी अनंतनाग समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। 50 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि दक्षिण कश्मीर और उसके बाहर के इच्छुक छात्रों के लिए और अधिक अवसर प्रदान करेगी जबकि एमडी/एमएस की मान्यता हमारे कॉलेज को देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि अनुमोदन प्रक्रिया के लिए एनएमसी मानकों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपना पक्ष रखने, उनकी टिप्पणियों का जवाब देने और उनके मानदंडों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली स्थित एनएमसी कार्यालय का कई बार दौरा किया। यह सफलता टीम वर्क, दृढ़ता और सामूहिक समर्पण का परिणाम है।
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संकाय सदस्यों, निवासियों और कर्मचारियों ने प्रोफेसर रुखसाना के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की और इस विकास को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने जीएमसी अनंतनाग को चिकित्सा उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उनके सक्रिय दृष्टिकोण और अथक प्रयासों को श्रेय दिया।
नई मंजूरी के तहत, कॉलेज प्रमुख विशेषज्ञताओं में 18 एमडी/एमएस सीटें प्रदान करेगा जिनमें सामान्य चिकित्सा (चार सीटें), सामान्य शल्य चिकित्सा, बाल रोग और एनेस्थीसिया (प्रत्येक में चार सीटें) और ईएनटी (ओटोरहिनोलैरिंजोलॉजी) के लिए दो सीटें शामिल हैं। यह विस्तार न केवल छात्रों के लिए नैदानिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण को बढ़ाएगा बल्कि विशेषज्ञों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके पूरे दक्षिण कश्मीर में तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगा।
प्रोफेसर रुखसाना ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री और पूरी प्रशासनिक टीम को उनके निरंतर प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकाय सदस्यों, सलाहकारों, रेजिडेंट, सहायक कर्मचारियों और मीडिया जगत के सहयोग की सराहना की जिनके सामूहिक योगदान से यह उपलब्धि संभव हो पाई।
नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने जीएमसी अनंतनाग प्रशासन को बधाई दी और इन दोनों स्वीकृतियों को दक्षिण कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक प्रगति बताया। अनंतनाग के एक स्थानीय मुसद्दिक रसूल ने कहा कि यह सिर्फ एक संस्थागत सफलता नहीं है। यह हमारे युवाओं, हमारे मरीज़ों और हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की जीत है। अन्य अन्य स्थानीय इश्फाक बशीर ने कहा कि इससे छात्रों को जम्मू-कश्मीर से बाहर शिक्षा लेने की ज़रूरत कम होगी और पूरे क्षेत्र में मरीज़ों की देखभाल में सुधार होगा।
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मिलीप्रधानाचार्य ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सचिव का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) अनंतनाग ने दो उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों की मंजूरी दे दी है। इससे कुल प्रवेश 150 हो गया है और 18 स्नातकोत्तर एमडी/एमएस सीटों की मंजूरी भी मिल गई है।
ये दोनों मंजूरियां संस्थान के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण हैं और इनसे क्षेत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षण के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। जीएमसी अनंतनाग की प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. रुखसाना नजीब ने इन स्वीकृतियों को प्राप्त करने में उनके अटूट मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
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प्रोफेसर नजीब ने कहा कि यह पूरे जीएमसी अनंतनाग समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। 50 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि दक्षिण कश्मीर और उसके बाहर के इच्छुक छात्रों के लिए और अधिक अवसर प्रदान करेगी जबकि एमडी/एमएस की मान्यता हमारे कॉलेज को देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि अनुमोदन प्रक्रिया के लिए एनएमसी मानकों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपना पक्ष रखने, उनकी टिप्पणियों का जवाब देने और उनके मानदंडों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से नई दिल्ली स्थित एनएमसी कार्यालय का कई बार दौरा किया। यह सफलता टीम वर्क, दृढ़ता और सामूहिक समर्पण का परिणाम है।
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संकाय सदस्यों, निवासियों और कर्मचारियों ने प्रोफेसर रुखसाना के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की और इस विकास को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने जीएमसी अनंतनाग को चिकित्सा उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उनके सक्रिय दृष्टिकोण और अथक प्रयासों को श्रेय दिया।
नई मंजूरी के तहत, कॉलेज प्रमुख विशेषज्ञताओं में 18 एमडी/एमएस सीटें प्रदान करेगा जिनमें सामान्य चिकित्सा (चार सीटें), सामान्य शल्य चिकित्सा, बाल रोग और एनेस्थीसिया (प्रत्येक में चार सीटें) और ईएनटी (ओटोरहिनोलैरिंजोलॉजी) के लिए दो सीटें शामिल हैं। यह विस्तार न केवल छात्रों के लिए नैदानिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण को बढ़ाएगा बल्कि विशेषज्ञों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके पूरे दक्षिण कश्मीर में तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगा।
प्रोफेसर रुखसाना ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री और पूरी प्रशासनिक टीम को उनके निरंतर प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकाय सदस्यों, सलाहकारों, रेजिडेंट, सहायक कर्मचारियों और मीडिया जगत के सहयोग की सराहना की जिनके सामूहिक योगदान से यह उपलब्धि संभव हो पाई।
नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने जीएमसी अनंतनाग प्रशासन को बधाई दी और इन दोनों स्वीकृतियों को दक्षिण कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक प्रगति बताया। अनंतनाग के एक स्थानीय मुसद्दिक रसूल ने कहा कि यह सिर्फ एक संस्थागत सफलता नहीं है। यह हमारे युवाओं, हमारे मरीज़ों और हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की जीत है। अन्य अन्य स्थानीय इश्फाक बशीर ने कहा कि इससे छात्रों को जम्मू-कश्मीर से बाहर शिक्षा लेने की ज़रूरत कम होगी और पूरे क्षेत्र में मरीज़ों की देखभाल में सुधार होगा।