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Jammu News: बारामुला से लापता एईई का पांचवें दिन मिला शव
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सिख समुदाय में हत्या को लेकर रोष, सीबीआई जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। लापता सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) गुरमीत सिंह का शव उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के गंटामुल्ला इलाके में लोअर झेलम हाइडल प्रोजेक्ट (एलजेएचपी) के बैराज से पांचवें दिन बरामद किया गया है। हत्या को लेकर सिख समुदाय में काफी रोष है। उन्होंनें मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने की गुहार लगाई है।
एसडीआरएफ की टीम ने एलजेएचपी के बैराज में एक शव देखा, जिसे बाहर निकाला गया। इस दौरान उसकी पहचान लापता गुरमीत सिंह के रूप में हुई, जो पांच दिन से लापता थे। एक पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि शव को कानूनी प्रक्रियाओं के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
वहीं, शव मिलने की सूचना सिख समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और काफी देर तक श्रीनगर-मुजफ्फराबाद हाईवे पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। बारामुला जिले में इसके विरोध में दुकानें भी बंद रखी गईं। गौरतलब रहे कि बारामुला पुलिस ने गुरमीत सिंह के लापता होने की जांच के लिए तुरंत डीएसपी मुख्यालय बारामुला के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इसके अलावा, एक व्यापक अभियान शुरू किया गया, जिसमें एसडीआरएफ, एक कैनाइन दस्ता और ड्रोन निगरानी शामिल थी। इंजीनियर गुरमीत सिंह का अंतिम संस्कार बारामुला के छेवी पातशाही के करीब किया गया, जहां काफी संख्या में लोग शामिल हुए। डीसी सेहरिश असगर, एसएसपी अमोद नागपुरी सहित अन्य अधिकारी मृतक के घर गए और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब दो सप्ताह में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद मौत के कारणों का पता लग सकेगा।
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ऑल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी उठाई मामले की जांच की मांग
ऑल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएससीसी) ने इंजीनियर गुरमीत सिंह की संदिग्ध मौत मामले की जांच सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई है। एपीएससीसी अध्यक्ष जगमोहन सिंह रैना ने कहा कि पूरे प्रकरण में ठेकेदारों की कथित भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एसआईटी के गठन के बावजूद लापता इंजीनियर का पता नहीं लग पाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। लापता सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) गुरमीत सिंह का शव उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के गंटामुल्ला इलाके में लोअर झेलम हाइडल प्रोजेक्ट (एलजेएचपी) के बैराज से पांचवें दिन बरामद किया गया है। हत्या को लेकर सिख समुदाय में काफी रोष है। उन्होंनें मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने की गुहार लगाई है।
एसडीआरएफ की टीम ने एलजेएचपी के बैराज में एक शव देखा, जिसे बाहर निकाला गया। इस दौरान उसकी पहचान लापता गुरमीत सिंह के रूप में हुई, जो पांच दिन से लापता थे। एक पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि शव को कानूनी प्रक्रियाओं के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
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वहीं, शव मिलने की सूचना सिख समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और काफी देर तक श्रीनगर-मुजफ्फराबाद हाईवे पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। बारामुला जिले में इसके विरोध में दुकानें भी बंद रखी गईं। गौरतलब रहे कि बारामुला पुलिस ने गुरमीत सिंह के लापता होने की जांच के लिए तुरंत डीएसपी मुख्यालय बारामुला के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इसके अलावा, एक व्यापक अभियान शुरू किया गया, जिसमें एसडीआरएफ, एक कैनाइन दस्ता और ड्रोन निगरानी शामिल थी। इंजीनियर गुरमीत सिंह का अंतिम संस्कार बारामुला के छेवी पातशाही के करीब किया गया, जहां काफी संख्या में लोग शामिल हुए। डीसी सेहरिश असगर, एसएसपी अमोद नागपुरी सहित अन्य अधिकारी मृतक के घर गए और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब दो सप्ताह में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद मौत के कारणों का पता लग सकेगा।
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ऑल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी उठाई मामले की जांच की मांग
ऑल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएससीसी) ने इंजीनियर गुरमीत सिंह की संदिग्ध मौत मामले की जांच सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई है। एपीएससीसी अध्यक्ष जगमोहन सिंह रैना ने कहा कि पूरे प्रकरण में ठेकेदारों की कथित भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एसआईटी के गठन के बावजूद लापता इंजीनियर का पता नहीं लग पाया।