फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Srinagar, Atal Dullu, Chief Secretary, Review Meeting

क्यूआर कोड से हस्तशिल्प की पहचान का सिस्टम साल के अंत तक लागू करें : डुल्लू

विज्ञापन
Srinagar, Atal Dullu, Chief Secretary, Review Meeting
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

श्रीनगर। सभी जीआई टैग वाली वस्तुओं की क्यूआर-कोड आधारित ट्रैकिंग के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाया जाए। इस डिजिटल प्रणाली को वर्ष के अंत तक अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
यह निर्देश मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शनिवार को अधिकारियों को दिए। वह शनिवार को हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों के प्रचार और विकास के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से किए जा रहे उपायों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीनगर और जम्मू में एकता मॉल सहित प्रमुख परियोजनाओं को समय पर शुरू करें। ऊन और रेशम गांवों के निर्माण, सूत रंगाई के लिए सामान्य सुविधा केंद्र, बसोहली में भारतीय वस्त्र संस्थान की स्थापना, रेशम उत्पादन पार्क और शिल्प-आधारित संसाधन केंद्र सहित अन्य परियोजनाओंं को शीघ्र पूरा करें।
विज्ञापन

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने बताया कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में हस्तशिल्प क्षेत्र में 18 पंजीकृत जीआई उत्पाद हैं। 10 उत्पाद पाइप लाइन में हैं। जीआई उत्पाद परीक्षण की क्षमता को 50 से बढ़ाकर 100 परीक्षण प्रतिदिन कर दिया गया है और दो अतिरिक्त डिजिटल माइक्रोस्कोप शामिल होने से जल्द ही इसे बढ़ाकर 250 परीक्षण प्रतिदिन कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

हस्तशिल्प एवं हथकरघा निदेशक, कश्मीर, मसरत-उल-इस्लाम ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 6,000 जीआई उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं। बताया गया कि नाइलिट के सहयोग से विकसित की जा रही क्यूआर कोड ट्रेसेबिलिटी परियोजना जल्द ही शुरू की जाएगी।
श्रीनगर और जम्मू में एकता माल की स्थापना के बारे में बताया गया कि स्थान और डिजाइन लेआउट को अंतिम रूप दे दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed