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पढ़ें, अमरनाथ जा रहे मौनी बाबा की गजब की कहानी

Tue, 14 Jul 2015 01:16 AM IST
Updated Tue, 14 Jul 2015 01:16 AM IST
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special story on amarnath pilgrims

श्री अमरनाथ यात्रा के लिए देश भर से आकर पुरानी मंडी स्थित श्री राम मंदिर में ठहरे कई तरह के साधु-संतों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इन्हीं में से एक ऐसे साधु हैं, जिन्होंने आजीवन भर के लिए मौन धारण कर लिया है।

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उत्तर प्रदेश, प्रतापगढ़ के चिलबिला जंक्शन से आए दिनेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने पिछले 27 वर्षों से मौन धारण किया है और जीवन भर मौन ही रखने का दृढ़ निश्चय किया है।
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कापी और पेन के जरिये सवालों का जवाब देते हुए दिनेश स्वरूप ने बताया कि वह चाय पीकर ही अपने मौन जीवन का यापन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौन धारण करने से इंसान की कई सारी मुश्किलें हल हो जाती हैं। एक मौन सौ दुख हरे, बोलो नहीं तो गुस्सा मरे।
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साधु संत बनने से पहले दिनेश ने बीएससी तक की पढ़ाई कर शिक्षण कार्य किया। इसके साथ ही सरकारी शिक्षा विभाग में नौकरी मिली, लेकिन नहीं की और साधु बनकर धर्म की राह पकड़कर भगवान शिव की आराधना में जुट गए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में अमरनाथ से कन्याकुमारी तक के लिए साइकिल यात्रा कर देश भर में शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश लोगों के बीच दिया है। दिनेश ने बताया कि भगवान शिव की आराधना से हर दुख दूर हो जाते हैं और जीवन में आनंद ही आनंद होता है।

बौद्ध धर्म के अनुयायी चले शिव धाम

special story on amarnath pilgrims

नेपाल के भूकंप त्रासदी को लोग भूले नहीं है। भूकंप के दौरान तीन हजार से भी ज्यादा के करीब लोगों की मौत हुई थी। वहीं भूकंप में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए नेपाल से स्वामी बासु देव गोयली अपने साथी जनों के साथ श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पुरानी मंडी स्थित श्री राम मंदिर में पहुंचे हुए हैं।

वह श्री अमरनाथ यात्रा करके भगवान शिव के दर्शन कर भूकंप में मारे गए लोगों के नाम के दीये को प्रज्ज्वलित करेंगे। बौद्ध धर्म में गहरी आस्था रखने वाले स्वामी बासु देव मौजूदा समय में नेपाल के लुंबिनी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही वह बौद्ध विषय में गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं।

गोयली ने बताया कि वह पहली बार श्री अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे हैं। अपनी यात्रा के जरिये विश्व में शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देना चाहेंगे। गोयली ने बताया कि वह बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं और बौद्ध धर्म में भगवान शिव को महायान नाम से जाना जाता है यानी भगवान शिव ही सृष्टि रचने वाले और विनाश करने वाले हैं।

उन्होंने बताया कि दो महीने तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान कोई भी भगवान शिव की यात्रा करे तो मन से सभी नकारात्मक सोच खत्म हो जाती है।

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