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जम्मू-कश्मीर में लापता बीएसएफ जवान की तलाश को एसआईटी होगी गठित, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Sat, 16 Nov 2019 02:09 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Sat, 16 Nov 2019 02:09 AM IST
सार

  • बेटे की तलाश में भटक रही मां की याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश, डीएसपी से लेकर एसएसपी स्तर के हों अधिकारी
  • अदालत ने कहा - केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार जांच सुनिश्चित करें, याची को भी सूचित करें

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Special Investigation Team to set up missing BSF jawan in Jammu and Kashmir; High court orders
सीमा सुरक्षा बल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएसएफ में तैनात बेटे की तलाश में डेढ़ साल से भटक रही मां की बात आखिर में हाईकोर्ट ने सुनी है। जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक को स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (सिट) गठित करने के आदेश जारी किए हैं। सिट में एसएसपी, एसपी और डीएसपी स्तर से नीचे के अधिकारी नहीं होंगे। कोर्ट ने यूटी प्रशासन को हर संभव प्रयास कर गुमशुदा बीएसएफ कर्मी की तलाश के आदेश दिए हैं। प्रस्तावित सिट चार हफ्ते में कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट भी देगी।
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याची ने कोर्ट में कहा कि उसका बेटा विशाल शर्मा बीएसएफ की 113 बटालियन में महतपुर, जिला नादिया पश्चिम बंगाल में तैनात था। 14 मार्च 2018 को उसके पति की मौत हो गई। इसकी सूचना बेटे को दी गई। बेटे ने पिता के अंतिम संस्कार के लिए 15 मार्च 2018 से छुट्टी ली। लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। उसने वापस ड्यूटी भी ज्वाइन नहीं की। तब से उसका कोई अता पता नहीं है। याची ने कहा कि वह गुमशुदगी रिपोर्ट लेकर स्थानीय पुलिस के पास गईं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 
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मुंसिफ जज जम्मू से फरियाद की गई तो पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी हुए। इसके बावजूद मामला दर्ज करने से परहेज किया गया। हाईकोर्ट में जस्टिस मागरे ने पाया कि इस मामले में पश्चिम बंगाल के छपरा पुलिस स्टेशन की स्टेटस रिपोर्ट ही आई है जिसमें तलाश के लिए पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं। 
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हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि पुलिस महानिदेशक सहित अन्यों ने भी इस मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई। यहां तक कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से जवाब तक दाखिल नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि यूटी और केंद्र सरकार को इस मामले में जांच की प्रगति पर नजर रखनी होगी। साथ ही याची को इसकी जानकारी भी देनी होगी।
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