फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Sonam Wangchuk said- National security is paramount saving Himalayan ecosystem is need of time

Ladakh : सोनम वांगचुक ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि, हिमायल के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना समय की जरूरत

Tue, 02 Apr 2024 10:13 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 02 Apr 2024 10:13 PM IST
सार

वांगचुक ने कहा कि विकास और शासन का मॉडल उस क्षेत्र के लिए काम नहीं कर सकता, जिसकी अपनी अनूठी स्थलाकृति, संस्कृति और जीवनशैली है। संविधान के तहत लद्दाख में चल रहे संघर्ष के साथ एकजुटता दिखाते हुए पूरे हिमालय क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने मुद्दे को उठाया।

विज्ञापन
Sonam Wangchuk said- National security is paramount saving Himalayan ecosystem is need of time
सोनम वांगचुक - फोटो : एजेंसी

विस्तार

हिमालय के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना समय की जरूरत है। इसके लिए सभी वर्गों के लोगों को एकजुटता दिखानी होगी। यह अपील लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने क्लाइमेट फ्रंट की ओर से जम्मू में ऑनलाइन प्रेसवार्ता में हिस्सा लेकर की है। इस दौरान हिमालयी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न संगठनों ने मुद्दों को उजागर किया। प्रेसवार्ता में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर क्लाइमेट फ्रंट जम्मू ने राजनीतिक दलों के सामने पांच सूत्रीय मांगपत्र जारी किया है।

विज्ञापन


वांगचुक ने कहा कि विकास और शासन का मॉडल उस क्षेत्र के लिए काम नहीं कर सकता, जिसकी अपनी अनूठी स्थलाकृति, संस्कृति और जीवनशैली है। संविधान के तहत लद्दाख में चल रहे संघर्ष के साथ एकजुटता दिखाते हुए पूरे हिमालय क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने मुद्दे को उठाया। साथ ही कहा कि पहाड़ों और यहां के लोगों की भलाई के लिए एकजुटता की जरूरत है। साथ ही कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, वे लद्दाख में रक्षा परियोजनाओं के खिलाफ नहीं हैं।
विज्ञापन


तिस्ता प्रभावित नागरिकों से मायालमित लेप्चा और नॉर्थ ईस्ट डायलॉग फोरम से मोहन सैकिया ने स्थानीय स्वदेशी समुदायों की सहमति के बिना ब्रह्मपुत्र और इसके नदी घाटियों पर प्रस्तावित बड़े पैमाने पर जलविद्युत विकास के पारिस्थितिक प्रभावों के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की। हिमालय नीति अभियान के गुमान सिंह और जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के अतुल सती ने भी भूमिगत अतिक्रमण और मलबा उत्पादन को देखते हुए बड़े बांधों, रेलवे और फोरलेन जैसे मेगा बुनियादी ढांचे पर पूर्ण रोक की मांग की। पर्वतीय महिला अधिकार मंच सहित अन्य संगठनों ने भी हिमालय क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उजागर कर लोगों से एकजुटता का आह्वान किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed