बेसहारा बच्चों को पढ़ाई के लिए महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, जानकर आप भी करेंगे प्रशंसा
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समाज कल्याण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री सज्जाद गनी लोन ने सोमवार को विधान परिषद में मंत्रालय पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार विभाग की कार्यशैली में और पारदर्शिता लाने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ग्रामीण स्तर पर समाज कल्याण कमेटियों का गठन करेगी। बेसहारा बच्चों के लिए बोर्डिंग स्कूल भी स्थापित किए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा जनता की भागीदारी सिस्टम के साथ हो। इसके लिए समाज कल्याण कमेटियों के गठन से काफी मदद मिलेगी। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समाज के हर वर्ग से जुड़े लोगों का ध्यान रखे और उन्हें सशक्त होने के बराबरी के मौके मुहैया कराए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर की समाज कल्याण कमेटियों लाभार्थियों की पहचान करेगी। पर्याप्त जांच के बाद सूचियों को फाइनल किया जाएगा। राज्य के बीपीएल परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने जा रही है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग पूरी व्यवस्था करेगा।
बेसहारा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कवायद
उन्होंने कहा कि बेसहारा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए सरकार बोर्डिंग स्कूल बनवाएगी। कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी स्कीम से भी फंड के विकल्प को तलाशा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ी भाषी लोगों को एसटी का दर्जा देने का मामला केंद्र के साथ उठा चुकी है। लोगों को सरलता से समाज कल्याण योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए भी कवायद शुरू की गई है।
इससे पहले एमएलसी जफर इकबाल मन्हास ने आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन की बर्बादी व चोरी पर रोक लगाने पर जोर दिया। उन्होंने ओल्ड एज व विधवा पेंशन सही समय पर उपलब्ध करवाने की बात भी की। कांग्रेस के गुलाम नबी मोंगा ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की।
भाजपा एमएलसी अशोक खजूरिया ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और लाडली बेटी योजनाओं को सही तरीके से लागू करने की मांग की। भाजपा के ही रमेश अरोड़ा ने विधायकों व एमएलसी को लाभार्थियों की पहचान करने के तरीकाकार में शामिल करने को कहा। खुर्शीद आलम ने शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को मोटरसाइज साइकिल देने व पीडीपी के सुरेंद्र चौधरी ने रियासत में काम कर रहे एनजीओ की कार्यशैली की निगरानी व सतर्कता पर जोर दिया।