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Jammu News: 13 महीने बाद भी 21 स्कूल नहीं बन पाए स्मार्ट, दिसंबर थी समयावधि
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 21 स्कूलों को अपग्रेड करने का काम धीमी गति से चल रहा है। इसके कारण बच्चों को आधुनिक तरीके से शिक्षा नहीं मिल रही। प्रोजेक्टर के बजाय ब्लैक बोर्ड के सहारे ज्ञान बांटा जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सुनहरे भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। परियोजना में देरी का कारण टेंडर प्रक्रिया है, जो लंबे समय तक चलती रही।
यही नहीं, कुछ स्कूलों में प्रशासन काम करवाने के लिए गंभीर नहीं दिख रहा। नतीजन, अभी तक काम आधा-अधूरा हो पाया है। कई स्कूलों में भवनों की मरम्मत, तो कुछ में लैब और अन्य सुविधाओं के काम आरंभ नहीं हो पाए। इस वजह से बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक भी ब्लैक बोर्ड पर लिखकर शिक्षा का प्रसार कर रहे हैं। कई स्कूलों में ब्लैक बोर्ड ही खस्ताहाल में है, जिससे पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है।
दरअसल, स्कूलों को अपग्रेड करने पर 16 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया। पिछले साल मई में काम शुरू हुआ, जिसे दिसंबर में पूरा करना था। अब मई का पहला सप्ताह बीत चुका है, फिर भी काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रोजेक्ट में आधा काम ही हो पाया है। शेष बचा काम चल रहा है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
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ये मिलने हैं लाभ
परियोजना के तहत ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जहां बच्चों की संख्या सर्वाधिक है। पुराने स्कूल भवनों को आधुनिक लुक दी जानी है और बच्चों को अनुकूल माहौल देना है। इसके लिए पढ़ाई प्रोजेक्टर के माध्यम से करवाई जानी है। मगर देरी के कारण बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर ही विषय के जटिल पहलुओं को समझाया जा रहा है। प्रोजेक्ट में खेल मैदान का जीर्णोद्धार भी शामिल है।
यहां काम जारी- सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल बख्शी नगर, मुबारक मंडी, रिहाड़ी, गांधी नगर, सतवारी, नावाबाद, कैनाल रोड, मुट्ठी सहित अन्य स्कूलों को अपग्रेड करने पर काम चल रहा है।
ये होना बाकी - पुराने ढांचे की मरम्मत, स्मार्ट स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल क्लास रूम, डिजिटल लाइब्रेरी, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्किंग
स्कूलों को अपग्रेड करने पर काम आधा ही हो पाया है। शेष बचा जल्द पूरा किया जाएगा। बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाई करवाई जानी है।
- अशोक शर्मा, निदेशक, शिक्षा विभाग
स्कूलों को धनराशि जारी कर दी है। बच्चों को आधुनिक तकनीक से पढ़ाई करवाई जाएगी। 21 स्कूलों के लिए राशि जारी हुई है।
- सुनील थुस्सू, परियोजना निदेशक, स्मार्ट सिटी
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जम्मू। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 21 स्कूलों को अपग्रेड करने का काम धीमी गति से चल रहा है। इसके कारण बच्चों को आधुनिक तरीके से शिक्षा नहीं मिल रही। प्रोजेक्टर के बजाय ब्लैक बोर्ड के सहारे ज्ञान बांटा जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सुनहरे भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। परियोजना में देरी का कारण टेंडर प्रक्रिया है, जो लंबे समय तक चलती रही।
यही नहीं, कुछ स्कूलों में प्रशासन काम करवाने के लिए गंभीर नहीं दिख रहा। नतीजन, अभी तक काम आधा-अधूरा हो पाया है। कई स्कूलों में भवनों की मरम्मत, तो कुछ में लैब और अन्य सुविधाओं के काम आरंभ नहीं हो पाए। इस वजह से बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक भी ब्लैक बोर्ड पर लिखकर शिक्षा का प्रसार कर रहे हैं। कई स्कूलों में ब्लैक बोर्ड ही खस्ताहाल में है, जिससे पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है।
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दरअसल, स्कूलों को अपग्रेड करने पर 16 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया। पिछले साल मई में काम शुरू हुआ, जिसे दिसंबर में पूरा करना था। अब मई का पहला सप्ताह बीत चुका है, फिर भी काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रोजेक्ट में आधा काम ही हो पाया है। शेष बचा काम चल रहा है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
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परियोजना के तहत ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जहां बच्चों की संख्या सर्वाधिक है। पुराने स्कूल भवनों को आधुनिक लुक दी जानी है और बच्चों को अनुकूल माहौल देना है। इसके लिए पढ़ाई प्रोजेक्टर के माध्यम से करवाई जानी है। मगर देरी के कारण बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर ही विषय के जटिल पहलुओं को समझाया जा रहा है। प्रोजेक्ट में खेल मैदान का जीर्णोद्धार भी शामिल है।
यहां काम जारी- सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल बख्शी नगर, मुबारक मंडी, रिहाड़ी, गांधी नगर, सतवारी, नावाबाद, कैनाल रोड, मुट्ठी सहित अन्य स्कूलों को अपग्रेड करने पर काम चल रहा है।
ये होना बाकी - पुराने ढांचे की मरम्मत, स्मार्ट स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल क्लास रूम, डिजिटल लाइब्रेरी, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्किंग
स्कूलों को अपग्रेड करने पर काम आधा ही हो पाया है। शेष बचा जल्द पूरा किया जाएगा। बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाई करवाई जानी है।
- अशोक शर्मा, निदेशक, शिक्षा विभाग
स्कूलों को धनराशि जारी कर दी है। बच्चों को आधुनिक तकनीक से पढ़ाई करवाई जाएगी। 21 स्कूलों के लिए राशि जारी हुई है।
- सुनील थुस्सू, परियोजना निदेशक, स्मार्ट सिटी